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भोपाल रिटायर्ड IAS हत्याकांड में बड़ा खुलासा, 20 लाख की लूट के इरादे से आया केयरटेकर, डांट के बाद कर दी हत्या

05 नव, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल रिटायर्ड IAS हत्याकांड में बड़ा खुलासा, 20 लाख की लूट के इरादे से आया केयरटेकर, डांट के बाद कर दी हत्या
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। भोपाल के रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में फरार केयरटेकर वरुण वाल्मीकि को पुलिस ने आगरा से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के अगले दिन मंगलवार सुबह पुलिस से बचकर भागने की कोशिश के दौरान हुए शॉर्ट एनकाउंटर में उसके पैर में गोली लगी। पुलिस पूछताछ में हत्या के पीछे लूट की योजना, नौकरी के दौरान विवाद और अपमान को वजह बताया गया है। आरोपी के मुताबिक, वह घर से 10 से 20 लाख रुपए चुराने पहुंचा था, लेकिन दवाई देने में देरी को लेकर हुई डांट के बाद उसने हत्या करने का फैसला कर लिया।


दवाई देने में देरी पर हुआ विवाद, दो घंटे बाद कर दी हत्या

पुलिस पूछताछ में वरुण ने बताया कि राकेश अग्रवाल उसे अक्सर गालियां देते थे। 30 सितंबर की रात करीब 12 बजे दवाई देने में देर होने पर दोनों के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि राकेश अग्रवाल ने उसे घर से चले जाने और अपनी जरूरत नहीं होने की बात कही थी। यह अपमान वरुण को इतना नागवार गुजरा कि उसने हत्या की योजना बना ली। राकेश अग्रवाल की पत्नी ने उन्हें नींद की दवा देकर सुला दिया था। इसके करीब दो घंटे बाद वरुण ने धारदार हथियार से उनका गला रेत दिया।


नेम प्लेट देखकर घर में 20 लाख रुपए होने का लगाया था अनुमान

पुलिस के मुताबिक, वरुण की नजर राकेश अग्रवाल के घर के बाहर लगी नेम प्लेट पर पड़ी थी। रिटायर्ड IAS अधिकारी का नाम देखकर उसे लगा कि घर में बड़ी रकम और कीमती सामान मिल सकता है। इसी उम्मीद में उसने केयरटेकर की नौकरी हासिल की थी। पूछताछ में उसने घर से 10 से 20 लाख रुपए मिलने का अनुमान लगाने की बात स्वीकार की है। उसकी योजना लूटपाट की थी, लेकिन पुलिस के अनुसार घर में उसे उम्मीद के मुताबिक नकदी और कीमती सामान नहीं मिला।


गैस सिलेंडर का पाइप खोला, प्रेस चालू छोड़कर भागा था आरोपी

हत्या के बाद घर में एक और खतरनाक स्थिति पैदा करने की कोशिश की गई थी। वरुण ने गैस सिलेंडर का पाइप खोल दिया और कपड़ों पर प्रेस रखकर उसका स्विच चालू छोड़ दिया था। राकेश अग्रवाल की पत्नी की नींद खुलने पर उन्होंने सबसे पहले प्रेस बंद की और पुलिस को सूचना दी। पूछताछ में वरुण ने गैस का पाइप गुस्से में खोलने की बात कही। उसने पुलिस को यह भी बताया कि उसे इस वारदात से लोकप्रियता मिलने की उम्मीद थी।


सुबह 4:12 बजे केरल एक्सप्रेस से भोपाल छोड़कर भागा

हत्या के बाद वरुण ने पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदले। वारदात के बाद 1 अक्टूबर की सुबह 4:12 बजे वह केरल एक्सप्रेस से भोपाल से रवाना हुआ था। इसके बाद उसकी आवाजाही कई शहरों में रही। पुलिस के मुताबिक, उसने अलग-अलग जगहों पर रुकने के लिए ये रास्ते अपनाए:

- ग्वालियर से आगरा और मथुरा।

- वृंदावन से दिल्ली।

- दिल्ली से हरिद्वार और ऋषिकेश।

- इसके बाद नैनीताल और मनाली।


सफर के दौरान वह बस, ट्रेन और ट्रकों में बैठकर एक जगह से दूसरी जगह जाता रहा। खर्च चलाने के लिए कबाड़ और प्लास्टिक की बोतलें इकट्ठा करके बेचता था तथा रात फुटपाथ पर बिताता था। पुलिस का कहना है कि वह किसी एक स्थान पर एक-दो दिन से ज्यादा नहीं ठहरता था। गिरफ्तारी के समय उसके पास मोबाइल फोन या कोई दूसरा सामान भी नहीं मिला।


चार दिन तक सब्जी बेचने और रिक्शा चलाने के बहाने तलाशती रही पुलिस

वरुण को पकड़ने के लिए भोपाल पुलिस ने आगरा में चार दिनों तक अंडरकवर ऑपरेशन चलाया था। पुलिसकर्मियों ने अपनी पहचान छिपाकर सब्जी बेचने और रिक्शा चलाने वालों के रूप में उसकी तलाश की। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान के मुताबिक, आरोपी की तलाश में पुलिस ने अलग-अलग तरीके अपनाए थे। दिल्ली और मथुरा में भी टीमें लगाई गई थीं। रातीबड़ थाना प्रभारी रास बिहारी शर्मा ने बताया कि झुग्गी बस्तियों में पुलिस की लगातार मौजूदगी से स्थानीय लोगों को संदेह होने लगा था। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने अपनी पहचान छिपाकर निगरानी की। आखिरकार वरुण को आगरा के मथुरा रोड पर पकड़ लिया गया।


मंगलवार सुबह भागने की कोशिश, पैर में लगी गोली

चार राज्यों में तलाश के बाद भोपाल पुलिस ने सोमवार को आगरा से वरुण को गिरफ्तार किया था। मंगलवार सुबह पुलिस से झूमाझटकी के दौरान उसने भागने का प्रयास किया। पुलिस ने सुबह करीब 5 बजे शॉर्ट एनकाउंटर किया। इस दौरान वरुण के पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे पकड़ लिया गया। आरोपी की फरारी के दौरान किसी ने उसे आर्थिक या अन्य तरह की मदद पहुंचाई थी या नहीं, पुलिस इसकी भी जांच कर रही है।


जयपुर में खराब व्यवहार की शिकायत, ग्वालियर में फोन चोरी का आरोप

पुलिस जांच में वरुण की पिछली नौकरियों से जुड़ी जानकारियां भी सामने आई हैं। जून 2026 में उसने जयपुर की रूही हेल्थ केयर सर्विस के जरिए एक घर में केयरटेकर का काम शुरू किया था। व्यवहार को लेकर शिकायतें मिलने के बाद उसे नौकरी से हटा दिया गया था। इसके बाद 23 अगस्त 2026 को ग्वालियर की सार्थ होम नर्सिंग केयर एजेंसी में काम करते समय उस पर एजेंसी का मोबाइल फोन चोरी करने का आरोप लगा था। हालांकि, इस मामले में FIR दर्ज नहीं हुई थी।


महिला मित्र सोनम के संपर्कों की भी जांच कर रही पुलिस

पुलिस वरुण की महिला मित्र सोनम के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। सोनम मूल रूप से ग्वालियर की रहने वाली है और आगरा में काम करती है। जांच एजेंसियां उसके दोस्तों, रिश्तेदारों और पुराने परिचितों से पूछताछ कर रही हैं। हालांकि, अभी तक इस मामले में सोनम की किसी आपराधिक भूमिका की पुष्टि नहीं हुई है। वरुण को केयरटेकर की नौकरी दिलाने वाली वर्मा होम हेल्थकेयर एजेंसी के संचालक अखिलेश वर्मा से भी पूछताछ की गई है। एजेंसी और उसके वेरिफिकेशन की जांच में फिलहाल कोई ठोस आपराधिक भूमिका सामने नहीं आई है।


10 पुलिस टीमों ने चार राज्यों में चलाया था सर्च ऑपरेशन

आरोपी की गिरफ्तारी के लिए भोपाल पुलिस ने रातीबड़, शाहपुरा, ऐशबाग थानों और क्राइम ब्रांच की कुल 10 टीमें बनाई थीं। इन टीमों को राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब और महाराष्ट्र समेत अलग-अलग राज्यों में भेजा गया था। पुलिस ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, धर्मशालाओं, मंदिरों, रैन बसेरों और आश्रमों के CCTV फुटेज की जांच की।


जांच के दौरान इन स्थानों पर आरोपी के परिवार, दोस्तों और पुराने परिचितों से पूछताछ की गई:

  • ग्वालियर

  • मथुरा और वृंदावन

  • आगरा

  • जयपुर और अलवर

  • पुणे

  • पंजाब के नाभा और पटियाला


वरुण की गिरफ्तारी में देरी होने पर उस पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने मामले की जांच के लिए SIT गठित की थी, जिसकी जिम्मेदारी AIG उमेश तिवारी को दी गई थी।


IAS एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से की थी मुलाकात

राकेश अग्रवाल की हत्या के बाद आरोपी की गिरफ्तारी में हो रही देरी को लेकर IAS एसोसिएशन ने भी चिंता जताई थी। एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने पहले मुख्य सचिव से मुलाकात कर मामला उठाया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिला और आरोपी को जल्द पकड़ने के साथ प्रभावी कार्रवाई की मांग की थी।

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