
भोपाल। भोपाल में खराब सड़कों और निर्माण कार्यों से बाधित यातायात को लेकर संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने निर्माण एजेंसियों की जिम्मेदारी तय कर दी है। अधिकारियों को दीपावली तक शहर की सड़कें गड्ढामुक्त करने और अलग-अलग परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
इज्तिमा से लेकर जनवरी में प्रस्तावित जीआईएस तक बड़े आयोजनों को देखते हुए सड़क सुधार का काम तेज करना होगा। बारिश से क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत के लिए 10 दिन, राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव के लिए 15 नवंबर और इज्तिमा के आसपास के रास्तों के लिए 20 नवंबर की समयसीमा तय की गई है।
संभागायुक्त ने बुलाई सड़क निर्माण एजेंसियों की बैठक
सोमवार को हुई बैठक में कर्मवीर शर्मा ने एनएचएआई, एमपीआरडीसी, पीडब्ल्यूडी, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना और नगरीय निकायों के अधिकारियों के साथ सड़क परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में बारिश से खराब हुए रास्तों, अधूरे निर्माण और यातायात में आ रही बाधाओं पर चर्चा हुई। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में मरम्मत और निर्माण कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
दीपावली तक गड्ढामुक्त होंगी शहर की सड़कें
शहर की सड़कों के लिए प्रशासन ने दीपावली तक की समयसीमा निर्धारित की है। इसके तहत बारिश में उखड़ी सड़कों की मरम्मत अगले 10 दिनों में पूरी करनी होगी।
प्रशासन की प्राथमिकता में ये काम शामिल हैं:
-भोपाल की सभी प्रमुख सड़कों से गड्ढे खत्म करना।
-रिंग रोड की मरम्मत कराना।
-दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट समाप्त करना।
-प्रमुख चौराहों पर लेफ्ट टर्न फ्री व्यवस्था विकसित करना।
-सभी मार्गों का रोड रेस्टोरेशन तत्काल पूरा करना।
भोपाल की ओर आने वाले रास्तों और रिंग रोड को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करने के लिए कहा गया है।
इज्तिमा से पहले 20 नवंबर तक तैयार करने होंगे सभी रास्ते
इज्तिमा में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए शहर के चारों दिशाओं से आयोजन स्थल तक आने वाले मार्गों को 20 नवंबर तक दुरुस्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा भोपाल के आसपास से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों का रखरखाव 15 नवंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आयोजन के दौरान आवागमन में परेशानी न हो।
मेट्रो निर्माण से खराब हुई सड़कों पर भी कार्रवाई
मेट्रो परियोजना के निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त हुए रास्तों को लेकर संभागायुक्त ने संबंधित एजेंसियों को तत्काल सुधार करने के लिए कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेट्रो और दूसरी निर्माण एजेंसियां आपसी तालमेल से काम करें, जिससे आम लोगों को आवाजाही में दिक्कत न हो। संत हिरदाराम नगर में बन रहे ओवरब्रिज की धीमी रफ्तार पर भी नाराजगी जताई गई। अधिकारियों को इसका निर्माण निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश मिले हैं।
रातीबड़-सीहोर मार्ग सुधारने पर जोर
रातीबड़-सीहोर मार्ग को जल्द दुरुस्त करने के लिए भी अधिकारियों को कहा गया है। इस सड़क के बेहतर होने से इंदौर रोड पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। प्रशासन ने निर्माण कार्यों में देरी रोकने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने पर जोर दिया है।
जीआईएस से पहले सांची और भोजपुर के रास्तों पर भी नजर
जनवरी में प्रस्तावित जीआईएस को ध्यान में रखते हुए भोपाल की सड़कों के अलावा आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंचने वाले मार्गों को भी बेहतर बनाने की योजना है। इसमें सांची और भोजपुर जाने वाली सड़कें शामिल हैं। रायसेन जंक्शन पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर के पास एप्रोच रोड तैयार करने के साथ साइनेज और रेडियम लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। एनएचएआई की परियोजनाओं को भी तय समयसीमा में पूरा करने के लिए कहा गया है।
भोपाल में सड़क सुधार की डेडलाइन: किस काम की क्या तारीख?
- दीपावली तक: भोपाल की सभी सड़कें गड्ढामुक्त करनी होंगी।
- 10 दिन में: बारिश से खराब हुई सड़कों की मरम्मत पूरी करनी होगी।
- 15 नवंबर तक: राष्ट्रीय राजमार्गों का मेंटेनेंस पूरा करना होगा।
- 20 नवंबर तक: इज्तिमा के आसपास के सभी रास्ते दुरुस्त करने होंगे।
- प्राथमिकता से: रिंग रोड की मरम्मत करनी होगी।
- ब्लैक स्पॉट: दुर्घटना संभावित स्थानों को खत्म करना होगा।
- चौराहे: सभी प्रमुख चौराहों को लेफ्ट टर्न फ्री बनाना होगा।
- तत्काल: मेट्रो निर्माण से प्रभावित सड़कों को सुधारना होगा।
- तय समयसीमा में: संत हिरदाराम नगर ओवरब्रिज का निर्माण पूरा करना होगा।
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