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भोपाल का पहला पेड लग्जरी ओल्ड एज होम: 38 हजार से 49 हजार किराया, बुजुर्गों के लिए फाइव स्टार सुविधा, सीएम मोहन यादव आज करेंगे लोकार्पण

24 जन, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल का पहला पेड लग्जरी ओल्ड एज होम: 38 हजार से 49 हजार किराया, बुजुर्गों के लिए फाइव स्टार सुविधा

भोपाल का पहला पेड लग्जरी ओल्ड एज होम: 38 हजार से 49 हजार किराया, बुजुर्गों के लिए फाइव स्टार सुविधा

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। अब बुढ़ापा अकेलेपन और असुरक्षा के साये में नहीं, बल्कि आराम और सम्मान के साथ बिताया जा सकेगा। भोपाल में आज से मध्यप्रदेश का पहला पेड लग्जरी ओल्ड एज होम शुरू हो गया है, जो सुविधाओं और देखभाल के मामले में किसी फाइव स्टार होटल से कम नहीं है। 24 करोड़ रुपये की लागत से बने इस आधुनिक वृद्धाश्रम का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। यहां रहने का मासिक किराया कमरे की साइज के अनुसार 38,490 रुपये से लेकर 49,990 रुपये तक तय किया गया है।


किन बुजुर्गों के लिए है यह खास सुविधा?

यह वृद्धाश्रम खासतौर पर उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए बनाया गया है, जिनके बच्चे विदेश या बड़े महानगरों में नौकरी करते हैं और वे अकेले रह जाते हैं। आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद उन्हें सुरक्षा, देखभाल और साथ की जरूरत होती है। इस जरूरत को ध्यान में रखते हुए सामाजिक न्याय दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने यह पेड लग्जरी मॉडल तैयार किया है।


कहां और कितनी बड़ी परियोजना?

यह भव्य वृद्धाश्रम भोपाल की पत्रकार कॉलोनी, लिंक रोड नंबर-3 पर 5 एकड़ जमीन में बनाया गया है। चारों ओर हरियाली और खुला वातावरण इसे शांत और सुकून भरा बनाता है। परिसर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि बुजुर्गों को होटल जैसी फील मिले और वे खुद को घर जैसा महसूस करें।


कुल कितने कमरे और कितने रहवासी?

इस ओल्ड एज होम में कुल 34 कमरे बनाए गए हैं, जिनमें 12 सिंगल बेड रूम और 22 डबल बेड रूम शामिल हैं। यहां एक साथ 56 बुजुर्गों के रहने की सुविधा है। सभी कमरों में बैठने की जगह, स्टडी टेबल और आरामदायक फर्नीचर लगाया गया है।


कमरों में मिलने वाली लग्जरी सुविधाएं

हर कमरा आधुनिक तकनीक और आराम से लैस है। इनमें एयर कंडीशनर, टीवी, फ्रिज, माइक्रोवेव, ड्राई किचन, वार्डरोब और बालकनी दी गई है। हर कमरे में अटैच बाथरूम है, जिसमें इमरजेंसी बेल लगी है। साथ ही कॉल बेल, इंटरकॉम और टेलीफोन की व्यवस्था भी की गई है।


स्वास्थ्य सेवाओं का मजबूत सिस्टम

यहां बुजुर्गों के लिए हफ्ते में एक बार डॉक्टर विजिट करेंगे। 24 घंटे नर्सिंग स्टाफ तीन शिफ्ट में तैनात रहेगा। इसके अलावा फिजियोथेरेपिस्ट, योग थेरेपिस्ट, डाइटिशियन और काउंसलर भी उपलब्ध रहेंगे। नियमित जांच के लिए कोई अलग शुल्क नहीं लिया जाएगा और इमरजेंसी मेडिकल सुविधा भी मौजूद रहेगी।


फिजियो, योग और एक्टिव लाइफ

बुजुर्गों को शारीरिक रूप से एक्टिव रखने के लिए फिजियोथेरपी सेंटर और योग हॉल बनाया गया है। यहां रोजाना एक्सरसाइज और थेरेपी कराई जाएगी, जिससे उनकी सेहत बेहतर बनी रहे।


मनोरंजन और लाइब्रेरी की सुविधा

यहां रहने वाले बुजुर्ग खाली समय में किताबें पढ़ सकते हैं, टीवी देख सकते हैं और एक-दूसरे से बातचीत कर सकते हैं। परिसर में वॉकिंग पाथ और गार्डन भी हैं, जहां वे टहल सकते हैं।


भोजन की पूरी व्यवस्था

वृद्धाश्रम की कैंटीन में ही नाश्ता, लंच और डिनर बनाया जाएगा। बुजुर्गों की उम्र और सेहत के अनुसार संतुलित और पौष्टिक भोजन दिया जाएगा। एक डाइनिंग हॉल बनाया गया है, जिसमें एक समय में 55 लोग बैठकर भोजन कर सकते हैं।


कमरे के अनुसार तय किराया

यहां रहने के लिए मासिक शुल्क कमरे की साइज पर निर्भर करता है। डबल बेड रूम का किराया 38,490 रुपये से शुरू होकर 43,490 रुपये तक है। सिंगल बेड रूम का किराया 45,990 रुपये से 49,990 रुपये तक रखा गया है। इसके अलावा प्रवेश के समय 1 लाख रुपये सिक्योरिटी डिपॉजिट देना होगा, जो छोड़ते समय वापस मिलेगा।


कौन रह सकता है और कैसे मिलेगा प्रवेश?

यहां वही बुजुर्ग रह सकते हैं जिनकी उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक है और जो शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ हैं। प्रवेश से पहले रजिस्ट्रेशन और मेडिकल जांच जरूरी होगी।


अस्पताल में भर्ती होने पर क्या होगा?

यदि किसी बुजुर्ग को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा तो उसका पूरा खर्च बुजुर्ग या उनके परिजनों को ही वहन करना होगा। आश्रम केवल देखभाल और सहायता करेगा।


परिवार से मिलने की सुविधा

परिजन यहां आकर लाउंज में मिल सकते हैं। वे कुछ घंटे साथ बिता सकते हैं, लेकिन रात रुकने की अनुमति नहीं होगी। जन्मदिन या सालगिरह जैसे अवसरों पर कार्यक्रम भी किए जा सकते हैं।


संचालन की जिम्मेदारी

इस वृद्धाश्रम का संचालन सेवा भारती को सौंपा गया है, जो एमपी में पहले से 5 निःशुल्क वृद्धाश्रम चला रही है। यहां मिलने वाला मासिक शुल्क सेवा भारती को मिलेगा, जबकि सिक्योरिटी डिपॉजिट राशि राज्य सरकार के पास रहेगी।


एमपी में पहले से चल रहे 83 वृद्धाश्रम

मध्यप्रदेश में सामाजिक न्याय विभाग 83 वृद्धाश्रम संचालित कर रहा है, जहां 2,300 बुजुर्ग निःशुल्क सेवाएं ले रहे हैं। यह नया लग्जरी मॉडल आर्थिक रूप से सक्षम बुजुर्गों के लिए एक नई पहल है।

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