
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित ऐतिहासिक राजभवन की पहचान अब बदल गई है। अब इसे ‘राज भवन’ नहीं बल्कि ‘लोक भवन’ के नाम से जाना जाएगा। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद यह बदलाव किया गया है और भवन पर लगी नेमप्लेट भी बदल दी गई है। यह फैसला देशभर में एकसाथ लागू किया जा रहा है, जिसके तहत सभी राज्यों को अपने राजभवन का नाम लोक भवन करने के निर्देश दिए गए हैं।
भोपाल में बदल गई पहचान
भोपाल स्थित राजभवन की नेमप्लेट अब बदलकर ‘लोक भवन’ कर दी गई है। यह बदलाव केंद्र सरकार के स्पष्ट निर्देश के बाद किया गया है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश इस निर्णय को लागू करने वाले उन राज्यों की सूची में शामिल हो गया है, जिन्होंने नाम परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी कर ली है।
इन राज्यों में बदल चुका नाम
मध्य प्रदेश के अलावा कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी राज भवन का नाम बदलकर लोक भवन किया जा चुका है। इनमें शामिल हैं— पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम, उत्तराखंड, ओडिशा, गुजरात, त्रिपुरा, कर्नाटक, झारखंड, सिक्किम, राजस्थान, हरियाणा, छत्तीसगढ़, दिल्ली और लद्दाख।
गवर्नर हाउस से लोक भवन तक का सफर
ब्रिटिश शासनकाल में राज्यों में तैनात गवर्नर के आधिकारिक आवास को ‘गवर्नर हाउस’ कहा जाता था।
आजादी के बाद अंग्रेजी नामों को हिंदी में बदले जाने की पहल हुई और उसी क्रम में गवर्नर हाउस का नाम ‘राज भवन’ रखा गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत के पहले भारतीय गवर्नर-जनरल सी. राजगोपालाचारी ने ‘राज भवन’ नाम दिया था। अब इस ऐतिहासिक नाम को बदलकर ‘लोक भवन’ किया गया है।
जनता के करीब लाने की पहल
केंद्र सरकार ने 25 नवंबर 2025 को सभी राज्यों के लिए निर्देश जारी करते हुए राजभवन का नाम बदलकर लोक भवन करने की सिफारिश की थी। सरकार का मानना है कि ‘राजभवन’ शब्द कहीं न कहीं औपनिवेशिक मानसिकता को दर्शाता है। भारत सरकार चाहती है कि ये भवन जनता के लिए अधिक सुलभ, खुले और मानवीय बनें और ‘लोक भवन’ नाम इस भावना को बेहतर तरीके से दर्शाता है।
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