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भोपाल की बड़ी झील बनी ‘खेलों की कुंभ नगरी’ – 400 एथलीटों की पानी पर जंग शुरू, CM बोले– हमारा हर दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा!

26 नव, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल की बड़ी झील बनी ‘खेलों की कुंभ नगरी’ – 400 एथलीटों की पानी पर जंग शुरू, CM बोले– हमारा हर दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा!

भोपाल की बड़ी झील बनी ‘खेलों की कुंभ नगरी’ – 400 एथलीटों की पानी पर जंग शुरू, CM बोले– हमारा हर दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा!

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल के अपर लेक में इन दिनों सिर्फ लहरें नहीं उठ रहीं… बल्कि राष्ट्रीय स्तर की खेल महत्वाकांक्षाएं टकरा रही हैं। पूरे देश से आए 400 से ज्यादा युवा खिलाड़ी पानी पर अपनी रफ्तार, जूनून और जीत की प्यास लिए बोट्स में उतर चुके हैं। यहां मंच सजा है भारत की सबसे बड़ी जूनियर रोइंग प्रतियोगिता का—जहां मुकाबला सिर्फ मेडल का नहीं, बल्कि एशियन गेम्स और इंटरनेशनल लेवल तक पहुंचने का है। और ये पूरा रोमांच राजधानी की बड़ी झील के बीच खेले जा रहे 45वीं जूनियर नेशनल रोविंग चैंपियनशिप और 8वीं इंटर स्टेट चैलेंजर्स प्रतियोगिता में दिखाई दे रहा है।


CM मोहन यादव ने किया शुभारंभ 

प्रतियोगिता का शुभारंभ बुधवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया। इस दौरान सीएम ने कहा, “हमारे खेल विभाग का एक-एक दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। आज ये डबल खुशी है, जो इस स्थान पर इस चैंपियनशिप की मेजबानी से हमें मिली है, और रोविंग में नेशनल चैंपियन भी हम ही हैं। चैंपियन होना और चैंपियनशिप को होस्ट करना हमें डबल दायित्व देता है।” इस मौके पर खेल मंत्री विश्वास सारंग भी मौजूद रहे।


देश में वाटर स्पोर्ट्स का सबसे खूबसूरत डेस्टिनेशन भोपाल: विश्वास सारंग

मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, “वाटर स्पोर्ट्स की बात करें तो मुझे लगता है कि देश में सबसे खूबसूरत और सबसे उपयोगी यदि कोई डेस्टिनेशन है तो वह भोपाल की बड़ी झील है। हमें सौभाग्य मिला है कि इतना सुंदर और रमणीय तालाब में इस प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है। ये चार दिन देश, प्रदेश और खेल के इतिहास में महाकुंभ के रूप में स्थापित होंगे।”


400 एथलीट, 23 राज्यों से देश के दिग्गज जूनियर खिलाड़ी पहुंचे भोपाल

चैंपियनशिप में हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र, तेलंगाना और केरल सहित 23 राज्यों के करीब 400 एथलीट हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता का संचालन खेल विभाग द्वारा रोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के सहयोग से किया जा रहा है। सुरक्षा, मेडिकल, बोट हाउस, वार्मअप जोन, उपकरण, तकनीकी व्यवस्थाएं और जलपथ चिह्नांकन अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किया गया है।


दो कैटेगरी में मुकाबला — जूनियर और इंटर-स्टेट

एथलीट अत्याधुनिक रोइंग बोट्स से अपनी

गति

क्षमता

कौशल

अनुशासन

का प्रदर्शन कर रहे हैं।


पहले दिन खिलाड़ियों ने लेक और प्रैक्टिस ज़ोन का निरीक्षण किया और उपकरणों के साथ आउटिंग की।

 यह रोमांचक प्रतियोगिता 30 नवंबर तक चलेगी।


अपर लेक फिर बनी अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल भूमि

अपर लेक पहले भी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वाटर स्पोर्ट्स टूर्नामेंट की सफल मेजबानी कर चुका है। इस बार भी खिलाड़ियों और दर्शकों के अनुभव को विश्वस्तरीय बनाने के लिए सभी व्यवस्थाएं उच्चतम स्तर पर तैयार की गई हैं।


खेल के साथ पर्यटन को भी मिलेगी नई रफ़्तार

मंत्री सारंग ने कहा कि इस आयोजन से

 ✔ युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय मंच मिलेगा

 ✔ खेल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा

 ✔ मध्यप्रदेश की खेल क्षमताएं देश के सामने मजबूत संदेश देंगी

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