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भोपाल के सरकारी स्कूल में छात्रों का प्रदर्शन, टीचर पर गंभीर आरोप; ट्रांसफर के बाद खत्म हुआ धरना

05 अक्टू, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल के सरकारी स्कूल में छात्रों का प्रदर्शन, टीचर पर गंभीर आरोप; ट्रांसफर के बाद खत्म हुआ धरना
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। राजधानी भोपाल के मिसरोद स्थित नवीन हायर सेकंडरी स्कूल में छात्र-छात्राओं ने शिक्षिका बबीता कुशवाहा के खिलाफ प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने पढ़ाई के बजाय काम कराने, पैसे मांगने और मारपीट जैसे गंभीर आरोप लगाए।


विवाद के बीच जिला शिक्षा अधिकारी अभिनव आर्य ने शिक्षिका का ट्रांसफर बागरोदा हायर सेकेंडरी स्कूल कर दिया और विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश दिए। इसके बाद करीब 4 घंटे चला छात्रों का प्रदर्शन समाप्त हुआ।


3 अक्टूबर को भी प्राचार्य को दी थी शिकायत

कक्षा 11वीं गणित और जीव विज्ञान के विद्यार्थियों ने 3 अक्टूबर को प्राचार्य को लिखित आवेदन देकर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। छात्रों के अनुसार, भर्ती परीक्षाओं के समय उनसे बेंच लगाने, सफाई करने और रोल नंबर लिखने जैसे काम कराए जाते हैं।


विद्यार्थियों का दावा है कि परीक्षा संबंधी व्यवस्थाओं के लिए उन्हें रविवार को भी स्कूल बुलाया जाता है। छात्रों ने साफ कहा कि वे पढ़ाई करने के लिए स्कूल आते हैं, कर्मचारियों की तरह काम करने के लिए नहीं।


प्रोजेक्ट के नाम पर ₹2,500 मांगने का आरोप

छात्रों ने आवेदन में शिक्षिका पर हर महीने प्रोजेक्ट के नाम पर ₹2,500 लेने का आरोप लगाया। विद्यार्थियों का कहना है कि उनसे कहा जाता था कि जिनके पास पैसे हैं, वही साइंस स्ट्रीम की पढ़ाई करें। छात्रों के मुताबिक, कथित आर्थिक दबाव के चलते कुछ विद्यार्थियों ने विज्ञान विषय छोड़ दिया।


पाइप से मारने का भी दावा

प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने शिक्षिका पर सीनियर छात्रों को लोहे के पाइप से पीटने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी दावा किया कि कक्षा में पढ़ाने के बजाय शिक्षिका मोबाइल फोन पर व्यस्त रहती हैं।


छात्रों ने शिक्षिका और एक विद्यार्थी के बीच बातचीत का ऑडियो भी सुनाया। इसमें पास-फेल, अभिभावकों से बातचीत और खर्च से जुड़ी बातें होने का दावा किया गया। करीब ₹5,000 के प्राइवेट फॉर्म खर्च का भी उल्लेख बताया गया।


शिक्षिका ने आरोपों को बताया गलत

बबीता कुशवाहा ने छात्रों के आरोपों से इनकार किया। उनका कहना है कि वह 1999 से अध्यापन कर रही हैं और उन्हें करीब 30 साल का अनुभव है।


उन्होंने कहा कि फिजिक्स में बेहतर परिणाम के लिए वह विद्यार्थियों के साथ सख्ती करती हैं। पैसे लेकर पास कराने या फेल करने की बात को उन्होंने पूरी तरह गलत बताया।


सफाई के आरोप पर शिक्षिका ने कहा कि बच्चों से सफाई नहीं कराई जाती। उनके अनुसार, विद्यार्थियों को बैग साफ रखने के लिए कपड़ा रखने को कहा जाता है। प्रैक्टिकल के दौरान उपकरणों को व्यवस्थित करना और साफ करना सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा है।


पुलिस और प्राचार्य ने छात्रों को समझाया

प्रदर्शन की सूचना मिलने पर मिसरोद थाने के इंचार्ज विमलेश कुमार राय मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्राचार्य के साथ मिलकर विद्यार्थियों से बातचीत कर उन्हें समझाने की कोशिश की।


छात्र-छात्राओं ने शिक्षिका को हटाने की मांग रखी और कहा कि उनकी मांग पूरी होने के बाद ही प्रदर्शन समाप्त करेंगे।


डीईओ ने किया ट्रांसफर, जांच भी शुरू

जिला शिक्षा अधिकारी अभिनव आर्य ने शिकायतों के आधार पर बबीता कुशवाहा का ट्रांसफर बागरोदा हायर सेकेंडरी स्कूल कर दिया है।


डीईओ के अनुसार, शिक्षिका के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की जा रही है। ट्रांसफर आदेश जारी होने और जांच की प्रक्रिया शुरू होने के बाद विद्यार्थियों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया।


1962 में बना था स्कूल

मिसरोद का नवीन हायर सेकंडरी स्कूल 1962 में स्थापित हुआ था। स्कूल में वर्तमान में 37 लोगों का स्टाफ है। बबीता कुशवाहा वर्ष 2010 से इसी स्कूल में अध्यापन कर रही थीं।

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