
भोपाल में 16 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शासकीय हायर सेकंडरी स्कूलों के 7,500 से ज्यादा मेधावी विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री स्कूटी योजना का लाभ देंगे। राज्य स्तरीय कार्यक्रम शिवाजी नगर स्थित शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित होगा।
इस बार योजना में 70% अंक की नई पात्रता शर्त लागू है। सरकार मोटराइज्ड वाहन के लिए अधिकतम ₹90 हजार और ई-स्कूटी के लिए ₹1.20 लाख तक देगी, लेकिन वाहन खरीदने से पहले राशि खाते में आना जरूरी होगा।
स्कूल में पहला स्थान और 70% अंक जरूरी
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना का लाभ लेने के लिए केवल स्कूल में प्रथम आना पर्याप्त नहीं होगा। विद्यार्थी का शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल में नियमित होना भी जरूरी है।
12वीं की परीक्षा पहले प्रयास में पास करने के साथ विद्यार्थी को अपने स्कूल में प्रथम स्थान हासिल करना होगा। 2026 से न्यूनतम 70% अंक की शर्त भी पात्रता में शामिल की गई है।
सभी संकायों के विद्यार्थी इस पात्रता में शामिल हैं। योजना को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए जुलाई 2026 के शासन आदेश के जरिए ₹495 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति दी गई है।
ई-स्कूटी के लिए 1.20 लाख तक मिलेंगे
पात्र विद्यार्थी अपनी पसंद का निर्धारित वाहन चुन सकता है। सरकार की ओर से अधिकतम सहायता इस प्रकार होगी:
- मोटराइज्ड वाहन: ₹90,000 तक
- ई-स्कूटी: ₹1,20,000 तक
इस सीमा में एक्स-शोरूम कीमत के साथ रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस, दो हेलमेट और एसेसरीज का खर्च भी शामिल है।
राशि मिलने से पहले खरीदारी की तो कार्रवाई
योजना की प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण शर्त भुगतान को लेकर है। विद्यार्थी के बैंक खाते में स्वीकृत राशि पहुंचने के बाद ही वाहन खरीदा जा सकेगा।
यदि इससे पहले वाहन खरीद लिया गया तो विद्यार्थी के साथ उसके पालक और संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
डीलर से लेना होगा वाहन का कोटेशन
विद्यार्थी शोरूम जाकर पसंद का पात्र वाहन चुन सकेगा। इसके बाद डीलर से कोटेशन लेना होगा, जिसमें एक्स-शोरूम कीमत, रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस और एसेसरीज की जानकारी दर्ज होगी।
यह दस्तावेज स्कूल के प्राचार्य को दिया जाएगा। प्राचार्य इसे संबंधित DEO कार्यालय भेजेंगे और कोटेशन के आधार पर स्वीकृत राशि की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
मनमर्जी से किसी वाहन पर खर्च नहीं होगी राशि
योजना की रकम किसी भी दोपहिया वाहन पर खर्च करने की अनुमति नहीं होगी। विभाग ने DEO को कोटेशन की जांच के दौरान निर्धारित वाहन का ही चयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
आदेश में मोटर बाइक आदि के चयन से बचने की बात भी स्पष्ट की गई है। यानी पात्रता मिलने के बावजूद विद्यार्थी योजना की राशि अपनी पसंद के किसी भी वाहन पर नहीं लगा सकेगा।
खाते में सीधे पहुंचेगी सरकारी रकम
DEO द्वारा तय राशि कोषालय के माध्यम से सीधे विद्यार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी। अपना खाता उपलब्ध नहीं होने पर माता-पिता या अभिभावक के बैंक खाते में राशि भेजने का प्रावधान है।
इसके लिए बैंक खाते से जुड़ा आधार नंबर लिया जाएगा। विद्यार्थी की पासबुक के पहले पेज की छायाप्रति में खाता नंबर और IFSC कोड होना आवश्यक है। यह विवरण विभागीय पोर्टल पर भी दर्ज किया जाएगा।
तीन साल तक वाहन ट्रांसफर पर रोक
योजना के तहत मिला वाहन तीन साल तक किसी अन्य व्यक्ति को बेचा या हस्तांतरित नहीं किया जा सकेगा।
वाहन के रजिस्ट्रेशन के समय तीन साल के लिए मध्यप्रदेश शासन के नाम हाइपोथिकेशन दर्ज कराया जाएगा। इससे निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले वाहन के ट्रांसफर पर रोक रहेगी।
रजिस्ट्रेशन और इंश्योरेंस डीलर कराएगा
रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस और एसेसरीज के लिए निर्धारित रकम वाहन विक्रेता के खाते में ट्रांसफर की जाएगी। इसके बाद संबंधित डीलर को इन प्रक्रियाओं को पूरा करना होगा।
इस व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को वाहन लेने के बाद रजिस्ट्रेशन और इंश्योरेंस जैसी औपचारिकताओं के लिए अलग प्रक्रिया नहीं करनी होगी।
समारोह के दिन वाहन उपलब्ध कराने की तैयारी
DEO को यह सुनिश्चित करना होगा कि विक्रेता को राशि मिलने के बाद वितरण कार्यक्रम में संबंधित विद्यार्थी को वाहन उपलब्ध हो जाए।
आदेश के अनुसार 16 सितंबर के कार्यक्रम के लिए पात्र विद्यार्थियों के वाहन उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी है। भुगतान और वितरण के बीच अनावश्यक देरी रोकने की जिम्मेदारी अधिकारियों तथा वाहन विक्रेताओं पर रहेगी।
कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति करेगी समन्वय
जिला स्तर पर योजना की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी। इसमें जिला परिवहन अधिकारी और जिला कोषालय अधिकारी सदस्य रहेंगे।
जिला शिक्षा अधिकारी सदस्य सचिव होंगे। समिति वाहन चयन, भुगतान और वितरण से जुड़ी व्यवस्थाओं के समन्वय में भूमिका निभाएगी।
अब तक 23 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को लाभ
सरकार के आंकड़ों के अनुसार मुख्यमंत्री स्कूटी योजना से अब तक 23 हजार से ज्यादा विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। योजना पर अभी तक करीब ₹246 करोड़ खर्च किए गए हैं।
योजना का उद्देश्य शासकीय स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहन देना और कॉलेज तक आने-जाने के लिए परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
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