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भोपाल SIR: 3.88 लाख नामों की फिर होगी जांच, 8-9 अक्टूबर को लगेंगे विशेष शिविर, पात्र मतदाताओं को मिलेगा मौका

08 अक्टू, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल SIR: 3.88 लाख नामों की फिर होगी जांच, 8-9 अक्टूबर को लगेंगे विशेष शिविर, पात्र मतदाताओं को मिलेगा मौका
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल में SIR के दौरान सूची से बाहर हुए करीब 3.88 लाख नामों की अब दोबारा जांच की जा रही है। इसके लिए बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मैदान में हैं और 8 व 9 अक्टूबर को विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं।


जांच का दायरा भोपाल की सभी 7 विधानसभा सीटों तक रखा गया है। सत्यापन में पात्र पाए जाने वाले लोगों के नाम फिर मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे, जबकि 1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले युवाओं के लिए भी नाम जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।


7 विधानसभा क्षेत्रों में चल रहा सत्यापन

SIR के दौरान भोपाल की मतदाता संख्या 21 लाख 25 हजार 908 से घटकर 16.87 लाख रह गई थी। अब सूची से बाहर हुए नामों की स्थिति का सत्यापन किया जा रहा है।


अभियान के तहत इन विधानसभा क्षेत्रों में शिविर आयोजित हो रहे हैं:

- बैरसिया

- हुजूर

- भोपाल उत्तर

- भोपाल मध्य

- दक्षिण-पश्चिम

- गोविंदपुरा

- नरेला


7 अक्टूबर को भी शिविरों में लोग पहुंचे थे। 8 और 9 अक्टूबर को भी संबंधित शिविरों में पहुंचकर प्रक्रिया में शामिल हुआ जा सकता है।


किन 3.88 लाख नामों की जांच हो रही?

जांच के दायरे में SIR के दौरान अलग-अलग कारणों से सूची से बाहर हुए मतदाता हैं। इनमें 1 लाख 503 अनुपस्थित और 2 लाख 86 हजार 661 स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाता शामिल हैं।


जांच में ऐसे नाम भी सामने आए हैं जो एक से अधिक स्थानों पर दर्ज थे या संबंधित व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी थी, फिर भी उनका नाम मतदाता सूची में मौजूद था।


पात्र मिले तो नाम फिर जोड़ा जाएगा

सत्यापन के दौरान उन लोगों के नाम दोबारा शामिल किए जाएंगे जो स्थायी रूप से स्थानांतरित बताए गए थे, लेकिन अब स्थानीय निवासी हैं और यहां मतदान करते हैं।


पते पर नहीं मिले ऐसे लोगों के नामों की स्थिति भी जांची जा रही है। पात्रता और वास्तविक स्थिति की पुष्टि होने पर सूची में नाम फिर शामिल किए जाएंगे।


18 साल की उम्र वाले युवाओं को बड़ी राहत

1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए एडवांस में फॉर्म-6 भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस प्रक्रिया में पहले जरूरी रहा डिक्लेरेशन अब अनिवार्य नहीं रखा गया है।


मृत, डुप्लीकेट और स्थानांतरित नामों की समीक्षा

अभियान का एक प्रमुख हिस्सा अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहराए गए डेटा की जांच है। इसका उद्देश्य पात्र और वास्तविक नागरिकों के नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करना है, ताकि कोई योग्य व्यक्ति मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।


राजनीतिक दलों के BLA को मिलेगी सूची

BLO द्वारा तैयार की जाने वाली सूचियां मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के BLA (Booth Level Agent) के साथ साझा की जाएंगी। इससे सूची की समीक्षा की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने की व्यवस्था की गई है।


मजदूर बस्तियों और नाइट शेल्टर में भी कैंप

नाम जोड़ने की प्रक्रिया उन जगहों तक भी पहुंचाई जा रही है जहां पात्र मतदाता आसानी से उपलब्ध हो सकते हैं। इसके लिए नाइट शेल्टर, मजदूर बस्तियों और बेघर लोगों के लिए विशेष कैंप आयोजित किए जा रहे हैं।

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