मंगलवार, 09 जून 2026
Logo
Madhaya Pradesh

भोपाल कचरा नियम 2026: खुले में कचरा फेंका या जलाया तो लगेगा जुर्माना, 100 लोगों के कार्यक्रम पर भी नया नियम

09 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल कचरा नियम 2026: खुले में कचरा फेंका या जलाया तो लगेगा जुर्माना, 100 लोगों के कार्यक्रम पर भी नया नियम
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल में कचरा प्रबंधन को लेकर अब नियम पहले से ज्यादा सख्त होने जा रहे हैं। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 लागू होने की तैयारी के बीच नगर निगम ने साफ कर दिया है कि खुले में कचरा फेंकने या जलाने पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही 100 या उससे अधिक लोगों के किसी भी आयोजन की जानकारी कम से कम 3 दिन पहले निगम को देना अनिवार्य होगा।


नगर निगम ने नए नियमों का दिया प्रेजेंटेशन

मंगलवार को ISBT स्थित नगर निगम के मीटिंग हॉल में नए नियमों पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी की मौजूदगी में वेस्ट मैनेजमेंट विशेषज्ञ अतुल खरे ने बताया कि शहर में कचरा प्रबंधन को वैज्ञानिक और जवाबदेह बनाने के लिए कई नए प्रावधान जोड़े गए हैं। इसके बाद पार्षदों ने नियमों पर अपने सुझाव और आपत्तियां भी रखीं।


100 लोगों का कार्यक्रम करने से पहले निगम को देनी होगी सूचना

नए प्रस्तावित नियमों के मुताबिक यदि कोई संस्था, व्यक्ति या संगठन 100 या उससे अधिक लोगों का कार्यक्रम आयोजित करता है तो उसे आयोजन से 3 दिन पहले नगर निगम को सूचना देनी होगी। इसके अलावा यदि शहर में कोई एक्सपो, प्रदर्शनी या बड़ा आयोजन होता है तो पहले पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य रहेगा। नियमों का पालन नहीं करने पर परिषद द्वारा तय जुर्माना लगाया जाएगा।


बड़ी इमारतों, स्कूल-कॉलेज और संस्थानों पर भी लागू होंगे नियम

नियम केवल आम नागरिकों तक सीमित नहीं रहेंगे। बड़ी बिल्डिंग, स्कूल, कॉलेज, संस्थान और व्यावसायिक परिसरों को भी अपने परिसर में निकलने वाले गीले कचरे के निपटारे की व्यवस्था करनी होगी। नगर निगम इन भवनों का सर्वे करेगा और यह जांचेगा कि वहां कचरा प्रबंधन की व्यवस्था तय मानकों के अनुसार है या नहीं।


निगम बनाएगा 5 साल का एक्शन प्लान

प्रेजेंटेशन में बताया गया कि नगर निगम अब शहर के लिए 5 वर्षों का ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एक्शन प्लान तैयार करेगा। इसमें अनुमान लगाया जाएगा कि आने वाले वर्षों में शहर से कितना कचरा निकलेगा, उसके निपटान पर कितना खर्च आएगा और किस तरह संसाधनों की योजना बनाई जाएगी। निगम का दावा है कि नए सिस्टम से करीब 25% तक कम कचरा परिवहन करना पड़ेगा।


ऑनलाइन पोर्टल से होगी निगरानी

नियमों की मॉनिटरिंग के लिए एक डिजिटल पोर्टल तैयार किया जाएगा। इस पर निगम को 237 अलग-अलग बिंदुओं की जानकारी दर्ज करनी होगी। इनमें कितने मामलों में जुर्माना लगाया गया, नियमों से क्या परिणाम मिले और कचरा प्रबंधन की स्थिति कैसी रही, जैसी जानकारी नियमित रूप से दर्ज होगी।


कांग्रेस पार्षदों ने उठाए कई सवाल

बैठक के दौरान विपक्ष की ओर से कई पार्षदों ने नए नियमों के साथ मौजूदा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए। पार्षद मोहम्मद सरवर ने कहा कि शहर में पॉलीथिन के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही। कई इलाकों में सूखा और गीला कचरा अलग-अलग उठाने का दावा किया जाता है, लेकिन जमीनी स्थिति अलग दिखाई देती है। उन्होंने यह भी कहा कि नालियों से निकाला गया कचरा लंबे समय तक बाहर पड़ा रहता है, जिससे दोबारा गंदगी फैलती है।


संसाधनों और कर्मचारियों की कमी का मुद्दा उठा

कांग्रेस पार्षद योगेंद्र सिंह 'गुड्डू' चौहान ने कहा कि केवल नए नियम बनाने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या नगर निगम के पास पर्याप्त बजट, वाहन और कर्मचारी उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि कई वार्डों में यदि कचरा वाहन खराब हो जाए तो 5 दिन तक कचरा नहीं उठ पाता, जिससे लोगों को परेशानी होती है।


बीजेपी पार्षदों ने भी कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मांग की

बीजेपी पार्षद विलास राव घाड़गे ने कहा कि कई वार्डों में कर्मचारियों की संख्या लगातार घट रही है जबकि कचरे की मात्रा बढ़ रही है। इसलिए सफाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की जरूरत है। वहीं पार्षद देवेंद्र भार्गव ने कहा कि नए नियमों से शहर की स्वच्छता बेहतर होगी और बड़े उद्योगों से नियमों के तहत सख्ती से शुल्क एवं जुर्माना वसूला जाना चाहिए।


सफाई व्यवस्था पर बैठक में हुई तीखी बहस

कांग्रेस पार्षद देवांशु कंसाना ने अपने वार्ड में गिरे पेड़ को हटाने में 6 दिन लगने का उदाहरण देते हुए सफाई व्यवस्था की धीमी गति पर नाराजगी जताई। इस पर कुछ बीजेपी पार्षदों ने आपत्ति दर्ज कराई और कहा कि उनके वार्डों में ऐसी समस्या नहीं है। बैठक के दौरान इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच बहस भी देखने को मिली।


महापौर ने पार्षदों को दिया फील्ड में जाने के निर्देश 

महापौर मालती राय ने कहा कि सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का पता फील्ड में जाकर ही चलता है। उन्होंने कहा कि कई पार्षद नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण करते हैं और उन्हें कर्मचारियों की संख्या से ज्यादा व्यवस्था सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।


गर्मी के बीच बंद रहे एसी, एजेंडे की प्रतियों से हवा करते दिखे पार्षद

बैठक के दौरान भीषण गर्मी के बावजूद परिषद हॉल के एयर कंडीशनर बंद रहे। केवल पंखे और कूलर चलने से गर्मी कम नहीं हुई, जिसके कारण कई पार्षद एजेंडे की प्रतियों को ही पंखे की तरह इस्तेमाल करते नजर आए।


क्या बदल जाएगा? एक नजर में


खुले में कचरा फेंकने या जलाने पर जुर्माना।


100 या उससे अधिक लोगों के कार्यक्रम की 3 दिन पहले सूचना अनिवार्य।


एक्सपो और बड़े आयोजनों के लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन जरूरी।


बड़ी इमारतों में गीले कचरे का स्थानीय स्तर पर निपटारा अनिवार्य।


स्कूल, कॉलेज और संस्थान भी नियमों के दायरे में।


30 जून से पहले नियम लागू करने की तैयारी।


डिजिटल पोर्टल से निगरानी और 237 बिंदुओं पर रिपोर्टिंग।


निगम का लक्ष्य: कचरा परिवहन में लगभग 25% तक कमी।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें