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भोपाल में स्वाइन फ्लू के 71 मरीज, जांच के लिए कहीं ₹1800 तो कहीं ₹4000 तक वसूली

18 सित, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल में स्वाइन फ्लू के 71 मरीज, जांच के लिए कहीं ₹1800 तो कहीं ₹4000 तक वसूली
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। राजधानी भोपाल में 2026 में अब तक स्वाइन फ्लू के 71 मरीज सामने आने के बाद जांच कराने वालों की संख्या और इसे लेकर चिंता बढ़ी है। निजी लैब में एच1एन1 जांच के लिए अलग-अलग शुल्क लिया जा रहा है, जबकि एम्स भोपाल में यह जांच निशुल्क उपलब्ध है।


जयप्रकाश जिला अस्पताल और हमीदिया अस्पताल में जांच की सुविधा नहीं होने से मरीजों को निजी लैब या एम्स का रुख करना पड़ रहा है। गांधी मेडिकल कॉलेज की लैब में जांच शुरू करने के निर्देश के बावजूद अब तक व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी है।


निजी लैब में जांच के अलग-अलग रेट

भोपाल की निजी लैब में एच1एन1 जांच की कीमत एक जैसी नहीं है। अलग-अलग इलाकों में पड़ताल के दौरान शुल्क में काफी अंतर मिला।

  1. अशोका गार्डन की निजी लैब में ₹3,200

  2. कोलार की निजी लैब में ₹2,500

  3. चूनाभट्टी की निजी लैब में ₹4,000

  4. कुछ निजी लैब में ₹1,800 में जांच


कोरोना संक्रमण के दौरान निजी लैब की आरटीपीसीआर जांच के लिए सरकार ने शुल्क निर्धारित किया था। स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ने के बावजूद इसकी जांच के लिए अधिकतम शुल्क तय नहीं किया गया है।


जेपी और हमीदिया में रोज 450-500 मरीज

जयप्रकाश जिला अस्पताल और हमीदिया अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों वायरल संक्रमण से जुड़े 450 से 500 मरीज पहुंच रहे हैं। दोनों अस्पतालों में स्वाइन फ्लू की जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं है।


स्वास्थ्य विभाग ने पिछले महीने गांधी मेडिकल कॉलेज की लैब में जांच शुरू करने के निर्देश दिए थे। मगर वहां जांच अभी शुरू नहीं हो पाई है। कोरोना काल में लाई गई जांच मशीन भी अब तक स्थापित नहीं की गई है।


स्वाइन फ्लू के नमूने एम्स भेजे जा रहे

जेपी और हमीदिया से स्वाइन फ्लू के नमूने एम्स भोपाल भेजे जा रहे हैं। डॉक्टर की सलाह के आधार पर एम्स में एच1एन1 की जांच मुफ्त कराई जा सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि हर सर्दी-खांसी या बुखार के मरीज को स्वाइन फ्लू की जांच कराने की जरूरत नहीं होती।


2026 में अब तक 71 मामले

भोपाल में इस साल अब तक 71 स्वाइन फ्लू मरीज सामने आए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक अलग-अलग वर्षों में स्थिति इस तरह रही—


वर्ष मरीज

2019 100 से अधिक

2021 22

2022 48

2025 पूरे मध्यप्रदेश में 7

2026 भोपाल में अब तक 71


डॉ. लोकेंद्र दवे ने पैनिक से बचने की सलाह दी

रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ रेस्पिरेटरी डिजीज के अधीक्षक डॉ. लोकेंद्र दवे के मुताबिक स्वाइन फ्लू को लेकर पैनिक करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि फ्लू की तुलना में इसका संक्रमण बहुत कमजोर है और अधिकांश मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है।


डॉ. दवे ने भीड़भाड़ वाली जगहों और संक्रमित लोगों के संपर्क से बचने के साथ कोरोना काल में अपनाई गई सावधानियां बरतने की सलाह दी।


नियमों के खिलाफ शुल्क पर कार्रवाई की बात

भोपाल के सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने कहा कि लोग डॉक्टर की सलाह के मुताबिक एम्स में मुफ्त जांच करा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नियमों के विरुद्ध शुल्क वसूलने पर कार्रवाई की जाएगी। डॉ. शर्मा के अनुसार अभी तक ओवरचार्जिंग को लेकर कोई शिकायत स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिली है।

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