
भोपाल। राजधानी भोपाल में शहर के बीचोंबीच चल रहे टिंबर मार्केट को हटाने की कवायद आखिरकार रंग लाती नजर आ रही है। करीब 50 साल बाद आरा मशीनों की शिफ्टिंग पर सहमति बन गई है। अब पुल पातरा से ग्रांड होटल के पीछे तक मौजूद 36 आरा मशीनों को रातीबड़ में शिफ्ट किया जाएगा। इस फैसले से लंबे समय से अटके भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर अंडरग्राउंड लाइन और रैंप का काम अब तेजी पकड़ सकेगा।
रातीबड़ में तैयार हुआ नया टिंबर हब
प्रशासन ने एयरपोर्ट के पास रातीबड़ इलाके में आरा मशीन संचालकों को नई जगह आवंटित कर दी है। यहां लघु उद्योग निगम ने करीब 12 एकड़ क्षेत्र में पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया है। अफसरों के मुताबिक शिफ्टिंग के लिए करीब 5 करोड़ रुपए भी दिए गए हैं। नई जगह पर सड़क, बेसिक सुविधाएं और अन्य व्यवस्थाएं तैयार कर दी गई हैं, जबकि स्ट्रीट लाइट जैसे कुछ काम इस सप्ताह तक पूरे होने की बात कही गई है।
26 आरा मशीनों के दस्तावेज अपडेट
जानकारी के मुताबिक 36 में से 26 आरा मशीनों के दस्तावेज अपडेट हो चुके हैं। इन्हें नई जगह पर काम शुरू करने की अनुमति पहले दिन से ही मिल जाएगी। हालांकि बाकी 10 आरा मशीनों के दस्तावेजों का अपडेटेशन अभी बाकी है। इसके साथ ही डिस्ट्रिक्ट फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) की एनओसी मिलना भी जरूरी है। एनओसी मिलते ही नई जगह पर संचालन शुरू हो सकेगा।
मेट्रो प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी बाधा हटेगी
भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट में पुल बोगदा से पुल पातरा तक का हिस्सा लंबे समय से अटका हुआ है। यहां एलिवेटेड लाइन के बाद अंडरग्राउंड रूट बनना है, लेकिन टिंबर मार्केट के कारण काम शुरू नहीं हो पा रहा था। माना जाता है कि शहर की जरूरत की करीब 60 फीसदी लकड़ी और फर्नीचर सामग्री इसी मार्केट से सप्लाई होती है। यही वजह रही कि प्रशासन को कारोबार प्रभावित किए बिना समाधान निकालना पड़ा।
कभी गुलजार रहने वाली सड़क अब सुनसान
पुल बोगदा से पुल पातरा तक करीब दो किलोमीटर लंबी सड़क कभी दुकानदारों और ग्राहकों से भरी रहती थी। लेकिन मेट्रो निर्माण और तोड़फोड़ के बाद यहां अब सन्नाटा पसरा नजर आता है। फिलहाल यहां सिर्फ टिंबर मार्केट ही बचा है और जब तक ये नहीं हटता, ऐशबाग के 90 डिग्री ब्रिज के बाद अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन का काम शुरू करना मुश्किल माना जा रहा था।
एक महीने में हट जाएंगी आरा मशीनें
टिंबर मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष बदर आलम ने कहा कि शिफ्टिंग को लेकर सहमति बन चुकी है और प्लॉट आवंटन भी हो गया है। अब संचालक अपने स्तर पर मशीनें शिफ्ट करना शुरू करेंगे। उन्होंने दावा किया कि अगले एक महीने के भीतर पुल पातरा से ग्रांड होटल के पीछे तक की सभी आरा मशीनें हट जाएंगी। इससे मेट्रो प्रोजेक्ट को गति मिलने की उम्मीद और बढ़ गई है।
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