
भोपाल रेलवे स्टेशन पर गर्मी के साथ भीड़ भी चरम पर है। इसी बीच 24 ट्रेनों के डायवर्जन ने यात्रियों की परेशानी और बढ़ा दी है—और राहत फिलहाल दूर नजर आ रही है।
मेंटेनेंस के कारण 24 ट्रेनें बदले रूट पर
Bhopal से गुजरने वाली कुल 24 ट्रेनें डायवर्ट कर दी गई हैं। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह बदलाव दानापुर मंडल और प्रयागराज रूट पर चल रहे निर्माण कार्य के कारण किया गया है। सबसे ज्यादा असर उन्हीं ट्रेनों पर पड़ा है जो प्रयागराज की ओर जाती हैं—और यही रूट यात्रियों के लिए सबसे व्यस्त भी माना जाता है।
30 अप्रैल तक रहेगा असर, यात्रियों को सलाह
रेलवे ने साफ किया है कि ये डायवर्जन 30 अप्रैल तक जारी रहेंगे। यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा शुरू करने से पहले ऑनलाइन स्टेटस जरूर चेक करें। क्योंकि बिना जानकारी के स्टेशन पहुंचने पर यात्रियों को देरी और असुविधा दोनों झेलनी पड़ सकती हैं।
समर सीजन में पहले से ही ट्रेनें फुल
गर्मी की छुट्टियों के चलते ट्रेनों में पहले से ही भारी भीड़ है। स्टेशन पर प्लेटफॉर्म से लेकर वेटिंग एरिया तक यात्रियों की भीड़ लगातार बनी हुई है। स्पेशल ट्रेनों के बावजूद हालात काबू में नहीं हैं—और अब डायवर्जन ने स्थिति और मुश्किल बना दी है।
इन प्रमुख ट्रेनों पर पड़ा असर
डायवर्ट होने वाली ट्रेनों में कई लंबी दूरी की अहम ट्रेनें शामिल हैं। इनमें अहमदाबाद-दरभंगा, गोरखपुर-लोकमान्य तिलक, पुणे-दरभंगा, रांची-एलटी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें शामिल हैं। इसके अलावा कई स्पेशल ट्रेनें भी प्रभावित हुई हैं—जिससे हजारों यात्रियों की यात्रा योजनाएं बदल गई हैं।
यात्रियों की परेशानी, बढ़ा इंतजार
डायवर्जन के चलते कई यात्रियों को लंबा रूट लेना पड़ रहा है। कुछ मामलों में ट्रेनों के समय में भी बदलाव हो रहा है, जिससे यात्रा और लंबी हो रही है। ऐसे में प्लेटफॉर्म पर इंतजार और भीड़ दोनों बढ़ते जा रहे हैं—जो यात्रियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
राहत की तैयारी: 3000 लोगों के लिए नया होल्डिंग एरिया
इसी बीच रेलवे ने भविष्य की भीड़ को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। स्टेशन पर करीब 3000 यात्रियों की क्षमता वाला स्थायी होल्डिंग एरिया बनाया जाएगा। करीब 10,000 वर्गमीटर में बनने वाला यह एरिया खासतौर पर सिंहस्थ 2028 जैसे बड़े आयोजनों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।
टेंट की जगह स्थायी इंतजाम
अभी तक त्योहारों और भीड़ के समय अस्थायी टेंट लगाकर व्यवस्था की जाती थी। लेकिन अब प्लेटफॉर्म नंबर 6 के पास स्थायी समाधान तैयार किया जा रहा है।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

