
भोपाल। नए साल की शुरुआत भोपाल के लिए एक खास तोहफे के साथ होने जा रही है। राजधानी में स्थित वन विहार नेशनल पार्क अब और भी आकर्षक बनने वाला है। जल्द ही यहां पर्यटक गैंडा, जेब्रा और जिराफ जैसे दुर्लभ और विदेशी जानवरों को अपनी आंखों से देख सकेंगे। अब तक बाघ, शेर और तेंदुए देखने वाले लोग अफ्रीका की झलक भी भोपाल में ही महसूस कर पाएंगे। वन विहार प्रबंधन ने इन जानवरों को लाने की तैयारी लगभग पूरी कर ली है और अगले कुछ महीनों में यह सपना हकीकत में बदल जाएगा।
बाघ के बदले असम से आएगा गैंडे का जोड़ा
मध्यप्रदेश की प्राकृतिक परिस्थितियों में गैंडे आम तौर पर नहीं पाए जाते, लेकिन अब भोपाल का वन विहार राज्य का ऐसा पहला पार्क बनने जा रहा है, जहां पर्यटक गैंडों को नजदीक से देख सकेंगे। वन विहार मैनेजमेंट के अनुसार, असम के गुवाहाटी स्थित असम स्टेट कम बॉटेनिकल गार्डन से एक जोड़ा गैंडे का भोपाल लाया जाएगा। इसके बदले मध्यप्रदेश सरकार असम को तीन बाघ सौंपेगी। यह एक तरह का वन्यजीव एक्सचेंज प्रोग्राम होगा, जिससे दोनों राज्यों को फायदा मिलेगा।
वन विहार के डायरेक्टर विजय कुमार ने बताया कि गैंडे के लिए यहां विशेष बाड़ा तैयार किया जा रहा है। उनके रहने के लिए खुला और सुरक्षित क्षेत्र बनाया जा रहा है। खान-पान की व्यवस्था से लेकर स्वास्थ्य जांच तक की पूरी योजना तैयार है। वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम उनकी निगरानी करेगी।
अफ्रीका से आएंगे जेब्रा और जिराफ
भोपाल के वन विहार की पहचान सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अब यह अफ्रीकी जानवरों का भी ठिकाना बनेगा। योजना के मुताबिक, अफ्रीका महाद्वीप के बोत्सवाना देश से जेब्रा और जिराफ लाए जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ये जानवर जुलाई से नवंबर के बीच भोपाल पहुंच सकते हैं। खास बात यह है कि यह पहला मौका होगा जब विदेश से जानवर वन विहार नेशनल पार्क लाए जाएंगे। इससे पार्क की अंतरराष्ट्रीय पहचान भी बनेगी और पर्यटकों की संख्या में जबरदस्त इजाफा होने की उम्मीद है।
वन विहार: 1979 से प्रकृति प्रेमियों का पसंदीदा ठिकाना
वन विहार को साल 1979 में नेशनल पार्क का दर्जा मिला था। यह पार्क भोपाल के प्रसिद्ध रामसर साइट बड़ा तालाब के किनारे स्थित है और अपनी जैव विविधता के लिए जाना जाता है। यहां करीब 700 से ज्यादा प्रजातियों के पेड़-पौधे मौजूद हैं। जानवरों की बात करें तो वन विहार में अभी टाइगर, लॉयन, पैंथर, हायना, जैकाल, सांभर, हिरण, कृष्ण मृग, जंगली सुअर, घड़ियाल और मगरमच्छ जैसे जीव पाए जाते हैं। अब जब इसमें गैंडा, जेब्रा और जिराफ जैसे जानवर जुड़ जाएंगे, तो वन विहार देश के सबसे खास चिड़ियाघरों में शामिल हो जाएगा।
पर्यटन को मिलेगा बूस्ट, भोपाल बनेगा इंटरनेशनल डेस्टिनेशन
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि इन जानवरों के आने से भोपाल की टूरिज्म इंडस्ट्री को बड़ा फायदा होगा। लोग अब बच्चों को लेकर दिल्ली या विदेश जाने की बजाय भोपाल में ही अफ्रीकी जानवरों का दीदार कर सकेंगे। वन विहार प्रबंधन को उम्मीद है कि घरेलू पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। स्कूल टूर और एजुकेशनल विजिट बढ़ेंगी। साथ ही भोपाल की पहचान इंटरनेशनल लेवल पर मजबूत होगी।
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