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भोपाल में 1 सितंबर को ‘वंदे मातरम्’ पर बनेगा रिकॉर्ड का मंच, 40+ वाद्य यंत्र और सैकड़ों विद्यार्थी दिखाएंगे सांस्कृतिक रंग

29 अग, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल में 1 सितंबर को ‘वंदे मातरम्’ पर बनेगा रिकॉर्ड का मंच, 40+ वाद्य यंत्र और सैकड़ों विद्यार्थी दिखाएंगे सांस्कृतिक रंग
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के अवसर पर भोपाल में 1 सितंबर को बड़ा सांस्कृतिक आयोजन होने जा रहा है। डीबी सिटी मॉल में शाम 4 बजे से होने वाले कार्यक्रम में संगीत, सामूहिक गायन और कथक के जरिए तीन विश्व रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया जाएगा।


विविधा कलायम सांस्कृतिक समिति के इस आयोजन में 40 से अधिक वाद्य यंत्र, 200 से ज्यादा विद्यार्थियों का सामूहिक गायन और 150 से अधिक छात्राओं की कथक प्रस्तुति खास आकर्षण रहेगी।


तीन अलग प्रस्तुतियों से रिकॉर्ड बनाने की तैयारी

आयोजन में ‘वंदे मातरम्’ को केंद्र में रखकर भारतीय संगीत, शास्त्रीय नृत्य और सामूहिक गायन को एक साथ प्रस्तुत किया जाएगा। रिकॉर्ड प्रयासों का स्वरूप इस तरह रहेगा—

40+ वाद्य यंत्रों के साथ विशेष संगीत प्रस्तुति

200+ विद्यार्थियों का सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ गायन

150+ छात्राओं द्वारा सामूहिक कथक नृत्य


40 से ज्यादा वाद्य यंत्रों के साथ प्रस्तुति

इंटरनेशनल म्यूजिशियन अभय तिवारी पहले रिकॉर्ड प्रयास का हिस्सा होंगे। वे 40 से अधिक अलग-अलग वाद्य यंत्रों का इस्तेमाल करते हुए ‘वंदे मातरम्’ की विशेष संगीतमय प्रस्तुति देंगे। एक ही प्रस्तुति में इतने वाद्य यंत्रों का इस्तेमाल कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताओं में शामिल रहेगा।


200 से अधिक विद्यार्थी करेंगे सामूहिक गायन

दूसरे रिकॉर्ड प्रयास में विविधा अकादमी के 200 से ज्यादा विद्यार्थी एक साथ राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ गाएंगे। इस प्रस्तुति का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को राष्ट्रीय गीत से जोड़ना भी है। आयोजकों के अनुसार सामूहिक गायन के माध्यम से भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभावना के प्रति जुड़ाव मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।


150 से ज्यादा छात्राओं का कथक कार्यक्रम

तीसरे रिकॉर्ड प्रयास में 150 से अधिक छात्राएं ‘वंदे मातरम्’ पर सामूहिक कथक नृत्य करेंगी। इस प्रस्तुति की खासियत यह होगी कि नृत्य के दौरान लाइव म्यूजिक का इस्तेमाल किया जाएगा। कथक, शास्त्रीय संगीत और देशभक्ति की थीम को एक ही मंच पर जोड़कर यह प्रस्तुति तैयार की गई है।


आयोजन का उद्देश्य सिर्फ रिकॉर्ड बनाना नहीं

आयोजकों के मुताबिक कार्यक्रम की प्राथमिकता केवल विश्व रिकॉर्ड का प्रमाण-पत्र हासिल करना नहीं है। ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी आयोजन का अहम उद्देश्य है। इसके साथ युवाओं में राष्ट्रप्रेम और सांस्कृतिक गौरव की भावना को मजबूत करने तथा भारतीय संगीत और शास्त्रीय नृत्य की परंपरा को बड़े मंच पर सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।


वीडियो और फोटोग्राफी से होगा दस्तावेजीकरण

पूरे कार्यक्रम की प्रोफेशनल वीडियो रिकॉर्डिंग और फोटोग्राफी कराई जाएगी। रिकॉर्ड प्रयासों से जुड़े दस्तावेज भी तैयार किए जाएंगे। आयोजकों के अनुसार इस दस्तावेजीकरण से रिकॉर्ड प्रयास को प्रमाणिक तरीके से दर्ज करने और इसे डिजिटल व मीडिया माध्यमों के जरिए व्यापक स्तर तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

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