मंगलवार, 11 अगस्त 2026
Logo
Madhaya Pradesh

भोपाल–विदिशा रोड 1,758 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा फोर लेन, सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा- आज कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाएगा प्रस्ताव

11 अग, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल–विदिशा रोड 1,758 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा फोर लेन, सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा- आज कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाएगा प्रस्ताव
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। भोपाल–विदिशा रोड को फोर-लेन बनाने की महत्वाकांक्षी परियोजना का प्रस्ताव आज ( 11 अगस्त) को आयोजित कैबिनेट की बैठक में स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। यह जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से साझा की गई है।


हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर प्रस्तावित इस परियोजना की कुल लागत ₹1,757 करोड़ 55 लाख है। इसके अंतर्गत 44.83 किलोमीटर लंबे वर्तमान 2-लेन रोड को पेव्ड शोल्डर सहित 4-लेन में उन्नत किया जाएगा। मंत्रि-परिषद की स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। यह मार्ग भोपाल के अयोध्या बायपास स्थित भानपुर टी-जंक्शन से प्रारंभ होकर सूखी सेवनिया, दीवानगंज और सलामतपुर होते हुए एनएच-146 के सांची–सलामतपुर जंक्शन तक जाता है। यह भोपाल, रायसेन और विदिशा जिलों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण क्षेत्रीय मार्ग है।


रोड पर वर्तमान यातायात लगभग 10,975 पैसेंजर कार यूनिट है, जो 4-लेन रोड के लिए निर्धारित 10 हजार पैसेंजर कार यूनिट के मानक से अधिक है। महानगरीय क्षेत्र के विकास और भविष्य में यातायात वृद्धि को देखते हुए इसका 4-लेन किया जाना जरूरी है।


परियोजना में कुल 8.25 किलोमीटर लंबाई के तीन बायपास प्रस्तावित 

परियोजना में कुल 8.25 किलोमीटर लंबाई के तीन बायपास प्रस्तावित हैं। 1.80 किलोमीटर लंबा सूखी सेवनिया बायपास, 1.35 किलोमीटर लंबा बेरखेड़ी बायपास और 5.10 किलोमीटर लंबा सलामतपुर बायपास है। इन बायपास के निर्माण से आबादी वाले क्षेत्रों में वाहनों का दबाव कम होगा, सड़क दुर्घटनाओं की आशंका घटेगी और स्थानीय नागरिकों का आवागमन अधिक सुरक्षित होगा। यह मार्ग भोपाल–कानपुर हाई-स्पीड कॉरिडोर के लिए महत्वपूर्ण फीडर कॉरिडोर के रूप में भी कार्य करेगा।


धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल–विदिशा मार्ग यातायात के साथ धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इसके आसपास विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप, संग्रहालय, अशोक स्तंभ, उदयगिरि की गुफाएं और अनेक पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक स्थल मौजूद हैं। यह रोड लगभग 24.550 किलोमीटर पर कर्क रेखा से भी गुजरती है, जिससे इसका विशेष भौगोलिक महत्व है। 


होटल, परिवहन, गाइड सेवा, हस्तशिल्प और स्थानीय कारोबार को प्रोत्साहन मिलेगा

बेहतर सड़क संपर्क से भोपाल से विदिशा और सांची तक की यात्रा अधिक सुगम होगी तथा कम समय में पूरी की जा सकेगी। इससे पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ होटल, परिवहन, गाइड सेवा, हस्तशिल्प और स्थानीय कारोबार को प्रोत्साहन मिलेगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से रायसेन, सांची और विदिशा को बायपास करते हुए बनाए जा रहे नवीन 4-लेन मार्ग से जुड़कर यह परियोजना भोपाल, सागर, दमोह, छतरपुर और पन्ना सहित उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश की कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगी।






पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें