
भोपाल। राजधानी भोपाल में मानसून के दौरान वायरल बीमारियों के मामलों में तेजी देखी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस बार सिर्फ सामान्य वायरल फीवर ही नहीं, बल्कि चार अलग-अलग वायरस सक्रिय हैं, जो शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकते हैं।
शुरुआती लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे दिखाई देते हैं, लेकिन लापरवाही करने पर संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि बारिश का मौसम इन वायरस के फैलने के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार करता है।
कौन-कौन से वायरस हैं सक्रिय?
विशेषज्ञों के मुताबिक इस समय राइनो, एडेनो, एंटरो और इन्फ्लुएंजा वायरस लोगों को संक्रमित कर रहे हैं। संक्रमण की शुरुआत अधिकतर मामलों में बुखार, सर्दी, गले में दर्द और खांसी से हो रही है। समय पर इलाज नहीं मिलने पर असर फेफड़ों, आंखों, आंतों, दिमाग और हृदय तक पहुंच सकता है।
राइनो वायरस से बढ़ सकती है सांस की परेशानी
श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. लोकेंद्र दवे के अनुसार राइनो वायरस सामान्य सर्दी-जुकाम का प्रमुख कारण है। इसके प्रमुख लक्षणों में छींक आना, नाक बहना, गले में खराश, हल्का बुखार और खांसी शामिल हैं। अस्थमा और एलर्जी से जूझ रहे मरीजों में इससे सांस लेने की समस्या अधिक बढ़ सकती है।
एडेनो वायरस बच्चों और बुजुर्गों के लिए ज्यादा जोखिम भरा
एडेनो वायरस संक्रमित व्यक्ति में तेज बुखार, गले का संक्रमण, आंख आना (कंजंक्टिवाइटिस), दस्त और निमोनिया जैसी दिक्कतें पैदा कर सकता है। डॉक्टरों के अनुसार छोटे बच्चों और अधिक उम्र के लोगों में इसका असर गंभीर हो सकता है।
एंटरो वायरस कई अंगों को कर सकता है प्रभावित
एंटरो वायरस श्वसन और पाचन तंत्र दोनों पर असर डालता है। इसके कारण हैंड-फुट-एंड-माउथ डिजीज, दस्त और वायरल मेनिन्जाइटिस जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ दुर्लभ मामलों में यह दिमाग या हृदय में सूजन का कारण भी बन सकता है।
किन लोगों को सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत?
संक्रमण का खतरा इन वर्गों में अधिक माना गया है—
- 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चे
- 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग
- गर्भवती महिलाएं
- मधुमेह (शुगर) के मरीज
- हृदय, फेफड़े या किडनी के मरीज
- कमजोर प्रतिरक्षा (इम्युनिटी) वाले लोग
कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
जेपी जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीयूष पंचरत्न का कहना है कि यदि 3 दिन से अधिक बुखार, सांस लेने में दिक्कत, लगातार खांसी, आंखें लाल होना, बार-बार दस्त या उल्टी और तेज सिरदर्द जैसे लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

