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भोपाल वेस्टर्न बायपास को मिली मंजूरी, जबलपुर-नर्मदापुरम से इंदौर जाने वालों का बचेगा एक घंटा

23 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल वेस्टर्न बायपास को मिली मंजूरी, जबलपुर-नर्मदापुरम से इंदौर जाने वालों का बचेगा एक घंटा
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल के लंबे समय से प्रस्तावित वेस्टर्न बायपास प्रोजेक्ट को बड़ी प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है। मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय साधिकार समिति (SLEC) की बैठक में इस परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए राज्य कैबिनेट के पास भेजा जाएगा।


करीब 2900 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह बायपास भोपाल के बाहरी हिस्से से होकर गुजरेगा। इसके निर्माण के बाद जबलपुर और नर्मदापुरम की दिशा से आने वाले वाहनों को शहर के भीतर प्रवेश नहीं करना पड़ेगा।


41 किलोमीटर से घटाकर 35.61 किलोमीटर किया गया मार्ग

शुरुआती योजना में बायपास की लंबाई 41 किलोमीटर प्रस्तावित थी, लेकिन संशोधित प्रस्ताव में इसे घटाकर 35.61 किलोमीटर कर दिया गया है। नया मार्ग भोपाल-नर्मदापुरम रोड पर मंडीदीप के पास से शुरू होगा। इसके बाद यह कोलार और रातीबड़ क्षेत्र से गुजरते हुए इंदौर रोड पर फंदा कला के पास जाकर जुड़ेगा।


ट्रैफिक का दबाव होगा कम

इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जबलपुर और नर्मदापुरम की ओर से आने वाला ट्रैफिक सीधे इंदौर मार्ग पर पहुंच सकेगा।


अधिकारियों के अनुसार:

- करीब 23 से 25 किलोमीटर दूरी कम होगी।

- वाहन चालकों का लगभग आधा घंटा से एक घंटा समय बचेगा।

- वर्तमान में करीब डेढ़ घंटे लगने वाला सफर 45 मिनट से कम समय में पूरा हो सकेगा।

- शहर के भीतर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।


दस लेन की क्षमता को ध्यान में रखकर तैयार होगा प्रोजेक्ट

परियोजना को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दस लेन क्षमता के अनुसार डिजाइन किया गया है।


योजना के तहत:

- सिक्स लेन स्ट्रक्चर पर फोरलेन सड़क विकसित की जाएगी।

- दोनों ओर दो-दो लेन की सर्विस रोड बनाई जाएगी।

- 1 रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) बनेगा।

- 2 फ्लाईओवर तैयार किए जाएंगे।

- 15 अंडरपास बनाए जाएंगे।

- 2 बड़े जंक्शन विकसित होंगे।


हाइब्रिड एन्यूटी मोड पर होगा निर्माण

वेस्टर्न बायपास परियोजना का निर्माण हाइब्रिड एन्यूटी मोड पर किया जाएगा।


इसके तहत:

- कुल परियोजना लागत का 40 प्रतिशत हिस्सा पांच किश्तों में दिया जाएगा।

- शेष 60 प्रतिशत राशि सड़क निर्माण पूरा होने के बाद 15 वर्षों की अवधि में भुगतान की जाएगी।


मंडीदीप से फंदा कला तक रहेगा रूट

प्रस्तावित मार्ग औबेदुल्लागंज की ओर से आने पर मंडीदीप के ठीक पहले शुरू होगा।


इसके बाद:

- कोलार रोड के गोल जंक्शन क्षेत्र से निकलेगा।

- पहाड़ी क्षेत्र को काटते हुए वन एवं निजी भूमि से गुजरेगा।

- रातीबड़ रोड को लगभग 4 किलोमीटर आगे क्रॉस करेगा।

- जैन मंदिर-खजूरी क्षेत्र से आगे बढ़ते हुए फंदा के सेंटर प्वाइंट पर इंदौर रोड से जुड़ जाएगा।


औद्योगिक क्षेत्रों को भी मिलेगा फायदा

परियोजना पूरी होने के बाद वाहन मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र और भोपाल शहर के भीतर से होकर नहीं गुजरेंगे। इससे भोपाल के मंडीदीप और इंदौर के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्रों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होगा। साथ ही जबलपुर और नर्मदापुरम की दिशा से आने वाले लोगों को इंदौर तक अधिक सुगम और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी।

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