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ग्वालियर में वोटर लिस्ट पर बड़ा एक्शन! 6 विधानसभा क्षेत्रों से हटेंगे 1.23 लाख नाम, राजनीतिक हलचल तेज

04 दिस, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
ग्वालियर में वोटर लिस्ट पर बड़ा एक्शन! 6 विधानसभा क्षेत्रों से हटेंगे 1.23 लाख नाम, राजनीतिक हलचल तेज

ग्वालियर में वोटर लिस्ट पर बड़ा एक्शन! 6 विधानसभा क्षेत्रों से हटेंगे 1.23 लाख नाम, राजनीतिक हलचल तेज

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। जिले की 6 विधानसभा सीटों पर 1 लाख 23 हजार मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। डिजिटल गणना के बाद तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है। News World, News World Web और News World Bhopal आपके लिए लाए हैं इस बड़े फैसले की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट।


90% गणना पत्रक डिजिटल, स्थिति हुई साफ

बुधवार तक किए गए काम के अनुसार जिले में 90 प्रतिशत गणना पत्रक डिजिटल किए जा चुके हैं। इसी आधार पर शिफ्टेड, मृतक और गलत लिंक वाले मतदाताओं की स्थिति स्पष्ट हुई है। प्रशासन का कहना है कि अब अंतिम सूची तैयार करने की दिशा में काम तेजी से चल रहा है।


ग्वालियर पूर्व और शहर सीट पर सबसे बड़ा असर

सबसे ज्यादा शिफ्टेड मतदाता ग्वालियर पूर्व और ग्वालियर विधानसभा में पाए गए हैं।

ग्वालियर पूर्व: 33,282 मतदाता शिफ्टेड

ग्वालियर विधानसभा: 24,628 मतदाता शिफ्टेड

ग्वालियर पूर्व से कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार और ग्वालियर विधानसभा से ऊर्जा मंत्री प्रद्यु्न सिंह तोमर विधायक हैं। इन दोनों सीटों पर बड़ी संख्या में वोटरों के नाम कटना राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।


सबसे कम असर डबरा में

शिफ्टेड मतदाताओं की संख्या सबसे कम डबरा विधानसभा में पाई गई—कुल 7,627 मतदाता। वहीं भितरवार विधानसभा इस प्रक्रिया को 100% पूरा करने वाला जिला का पहला क्षेत्र बन गया है।


24,821 मृतक मतदाताओं के नाम भी कटेंगे

एसआइआर के दौरान जिले में 24,821 मृतक मतदाताओं की पहचान की गई है। इन सभी के नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। यह कार्य 4 नवंबर से शुरू हुआ था। प्रशासन का कहना है कि शुरुआती दिक्कतों के बाद अब लगभग पूरा डेटा तैयार हो चुका है।


गलत लिंक वोटों का हो रहा सुधार

जिले में डेढ़ लाख से अधिक मतदाताओं के डेटा में गलत लिंकिंग सामने आई है। कई मामलों में 2003 की सूची के आधार पर किए गए मिलान में मतदाताओं ने खुद या परिजनों के नाम की सही पहचान नहीं की, जिससे गड़बड़ी हुई। अब प्रशासन इन सभी त्रुटियों को व्यवस्थित तरीके से ठीक कर रहा है।


नए नाम जोड़ने के लिए फिर पूरी प्रक्रिया

जिन मतदाताओं के नाम शिफ्टेड सूची में चले गए हैं, उन्हें प्रारंभिक प्रकाशन में शामिल नहीं किया जाएगा। ऐसे सभी मतदाताओं को दोबारा नाम जुड़वाने के लिए SIR प्रक्रिया से गुजरना होगा।


2003 की जानकारी अनिवार्य

नाम जोड़ने के लिए भरे जाने वाले घोषणा पत्र में यह बताना जरूरी होगा कि 2003 में मतदाता का नाम किस स्थान पर दर्ज था। यदि यह जानकारी नहीं दी गई, तो नाम मतदाता सूची में नहीं जोड़ा जाएगा।


ग्वालियर पूर्व में ज्यादा परेशानी क्यों?

ग्वालियर पूर्व सीट 2003 के बाद बनी नई विधानसभा है, यहां दूसरे जिलों से आकर रहने वालों की संख्या अधिक है।

यही वजह है कि यहां बड़ी संख्या में लोग मौके पर नहीं मिले। कई लोगों ने गणना पत्रक वापस नहीं किए और बीएलओ ने हजारों मतदाता ‘शिफ्टेड’ में दर्ज कर दिए।


प्रदेश के बड़े शहरों में ग्वालियर दूसरा

चार बड़े महानगरों में SIR के काम की गति के मामले में ग्वालियर दूसरा स्थान हासिल कर चुका है। प्रशासन का दावा है कि जल्द ही पूरी प्रक्रिया पूरी कर अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी।

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