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MP में वोटर लिस्ट पर बड़ा झटका! अब नाम जोड़ने-सुधार के लिए बदल गया नियम — 9 दिसंबर से शुरू होगी नई प्रक्रिया, पढ़ें पूरी डिटेल

26 नव, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
MP में वोटर लिस्ट पर बड़ा झटका! अब नाम जोड़ने-सुधार के लिए बदल गया नियम — 9 दिसंबर से शुरू होगी नई प्रक्रिया, पढ़ें पूरी डिटेल

MP में वोटर लिस्ट पर बड़ा झटका! अब नाम जोड़ने-सुधार के लिए बदल गया नियम — 9 दिसंबर से शुरू होगी नई प्रक्रिया, पढ़ें पूरी डिटेल

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। अगर आप वोटर लिस्ट में अपना नाम जोड़ना या सुधार कराना चाहते हैं तो ज़रा संभल जाएं! मध्य प्रदेश में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया के कारण फिलहाल वोटर लिस्ट से नाम जोड़ना, हटाना या सुधार कराना पूरी तरह बंद है। चुनाव आयोग ने 9 दिसंबर से प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की घोषणा कर दी है, लेकिन इस बार खेल बदल चुका है — क्योंकि नया नाम जोड़ने या किसी भी तरह के संशोधन के लिए अब एक घोषणा पत्र (Declaration Form) जमा करना होगा। यह फॉर्मेट सभी जिलों को भेजा जा रहा है।


BLO के हस्ताक्षर के बिना नहीं मान्य होगा फॉर्म

ग्वालियर के उप जिला निर्वाचन अधिकारी अनिल बनवारिया ने बड़ा बयान देते हुए कह, “फॉर्म-6 (नया नाम जोड़ना) और फॉर्म-8 (नाम सुधार या पता स्थानांतरण) भरने वाले प्रत्येक व्यक्ति को घोषणा पत्र संलग्न करना होगा। इसमें माता-पिता और रिश्तेदारों की जानकारी के साथ उनके विधानसभा क्षेत्र, पार्ट नंबर और सीरियल नंबर भी देना होगा। इसके अलावा घोषणा पत्र पर संबंधित बीएलओ के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे, ताकि फील्ड वैरिफिकेशन को मजबूत किया जा सके।” यानी अब बिना BLO के सत्यापन और हस्ताक्षर के आवेदन स्वीकार नहीं होंगे।


9 दिसंबर से ड्राफ्ट लिस्ट जारी — वहीं से भर सकेंगे फॉर्म

9 दिसंबर को वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट प्रकाशन भी होगा। मतदाता अपने मतदान केंद्र पर जाकर सूची में अपना नाम देख सकेंगे और अगर नाम न मिले तो वहीं तुरंत फॉर्म भरकर सुधार या नाम जुड़वा सकेंगे।


नए मतदाता BLO के माध्यम से ही जुड़वा पाएंगे नाम

➡️ SIR के अंतर्गत नए मतदाताओं का नाम केवल BLO के माध्यम से जोड़ा जाएगा।

➡️ BLO कम से कम तीन बार घर जाकर सत्यापन करेगा।

➡️ मृत मतदाताओं, विस्थापितों और एक ही व्यक्ति के दो जगह पंजीकरण पर भी कार्रवाई होगी।


फर्जी जानकारी पर जेल

चुनाव आयोग ने स्पष्ट नियम लागू किया है:

➡️ वोटर कार्ड होना यह प्रमाण नहीं है कि आपका नाम वोटर लिस्ट में है।

➡️ हर मतदाता को BLO द्वारा दिए गए फॉर्म में अपनी जानकारी भरनी होगी।

➡️ फॉर्म में गलत सूचना देने पर एक साल की सजा, जुर्माना या दोनों की कार्रवाई हो सकती है।


हालांकि, आयोग ने यह राहत भी दी है कि पिछले SIR में जिन परिवारों के सदस्यों के नाम पहले से लिस्ट में थे, वे उसी जानकारी को दोबारा फॉर्म में भर सकते हैं और उन्हें कोई दस्तावेज देने की जरूरत नहीं होगी।

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