
भोपाल में भाजपा की अहम बैठक के बाद बड़ा ऐलान हुआ है। मई में ओरछा में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक बुलाई जाएगी, जो नए प्रदेश अध्यक्ष के कार्यकाल की पहली बड़ी रणनीतिक बैठक होगी। यही वजह है कि इस फैसले को संगठन के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
ओरछा में क्यों खास होगी यह कार्यसमिति बैठक?
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने साफ किया कि मई में होने वाली यह बैठक उनके अध्यक्ष बनने के बाद पहली कार्यसमिति होगी। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, पहली कार्यसमिति अक्सर संगठन की दिशा तय करती है। ऐसे में इस बैठक में आने वाले चुनावों और संगठन विस्तार को लेकर अहम फैसले संभव हैं।
नई कार्यसमिति की घोषणा कब?
फिलहाल प्रदेश कार्यसमिति के सदस्यों की सूची जारी नहीं हुई है, लेकिन पार्टी सूत्रों के अनुसार यह सूची अगले 1-2 दिनों में जारी हो सकती है। नई टीम का गठन इस बैठक से पहले होना तय माना जा रहा है, ताकि ओरछा बैठक में पूरी ताकत के साथ रणनीति लागू की जा सके।
प्रशिक्षण महाअभियान पर जोर क्यों?
बैठक का मुख्य फोकस “पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026” रहा। इस अभियान के तहत कार्यकर्ताओं को वैचारिक और संगठनात्मक रूप से मजबूत बनाने की योजना बनाई जा रही है। जिला स्तर पर प्रशिक्षण वर्गों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई, जिससे जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ और मजबूत हो सके।
कौन-कौन रहे मौजूद?
इस अहम बैठक में कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल हुए, जिनमें प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, राज्यसभा सांसद और प्रदेश महामंत्री सुमेर सिंह सोलंकी, प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के संयोजक विजय दुबे, प्रदेश मंत्री राजेंद्र सिंह इसके अलावा प्रदेश पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, संभाग प्रभारी, प्रशिक्षण टोली और विभिन्न मोर्चों के प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
ओरछा में होने वाली कार्यसमिति बैठक, नई टीम का ऐलान और प्रशिक्षण महाअभियान—इन तीनों को जोड़कर देखें तो भाजपा संगठन को ग्राउंड लेवल से री-एनर्जाइज करने की रणनीति पर काम कर रही है। अब नजर इस बात पर है कि नई कार्यसमिति में किन चेहरों को जगह मिलती है और ओरछा बैठक से क्या बड़े राजनीतिक संकेत निकलते हैं।
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