
जबलपुर का गैरीसन ग्राउंड आज सिर्फ एक मैदान नहीं, बल्कि पांच आदिवासी बहुल राज्यों में BJP की भविष्य की राजनीति का लॉन्चिंग पैड बनने जा रहा है। राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस (Tribal Pride Day) पर रानी दुर्गावती की धरती से पार्टी एक ऐसा संदेश देने जा रही है, जिसकी गूंज मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और महाराष्ट्र तक सुनाई देगी। दोपहर 12 बजे से शुरू होने वाले इस मेगा इवेंट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के नर्मदा जिले से वर्चुअल रूप से जुड़ेंगे, वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे।
2023 के बाद फिर जबलपुर पर BJP का बड़ा फोकस
बीते साल 2023 में रानी दुर्गावती की 500वीं जयंती पर PM मोदी खुद जबलपुर आए थे। गृहमंत्री अमित शाह भी राजा शंकर शाह–कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर मौजूद रहे थे। इस बार भी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के कई मंत्री शामिल होंगे। स्पष्ट है—जबलपुर BJP की आदिवासी रणनीति का केंद्रीय मैदान बन चुका है।
आदिवासी सांस्कृतिक शक्ति का बड़ा प्रदर्शन
कार्यक्रम सिर्फ सांस्कृतिक महोत्सव नहीं, बल्कि अगले दो वर्षों की राजनीतिक जमीन तैयार करने का बड़ा मंच है।
BJP इसे ‘आदिवासी अस्मिता’ और ‘ऐतिहासिक सम्मान’ के जरिए पांच राज्यों में अपनी पकड़ और मजबूत करने की रणनीति के रूप में देख रही है।
क्यों इतने राज्यों के लिए अहम है यह मंच?
छत्तीसगढ़
32% से ज्यादा आदिवासी आबादी
विधानसभा की 29 सीटों पर सीधा प्रभाव
झारखंड
26% से अधिक जनजातीय जनसंख्या
सत्ता परिवर्तन में हमेशा निर्णायक भूमिका
ओडिशा
करीब 23% आदिवासी आबादी
कई आदिवासी बहुल जिले
महाराष्ट्र
10% से अधिक आदिवासी समुदाय
नासिक, नंदुरबार, गढ़चिरौली में मजबूत पकड़
यानी जबलपुर का मंच, पांच राज्यों का संदेश।
जबलपुर: गोंडवाना इतिहास का केंद्र
जबलपुर सदियों से गोंडवाना शासन, रानी दुर्गावती, शंकर शाह–रघुनाथ शाह की वीर गाथाओं का केंद्र रहा है।
मंडला, डिंडौरी, सिवनी और छिंदवाड़ा जैसे आदिवासी बहुल जिलों की नज़दीकी इसे और महत्वपूर्ण बनाती है।
यहां से दिया गया संदेश, देशभर के आदिवासी समाज में तेजी से गूंजता है।
मध्यप्रदेश में 21% आदिवासी आबादी
MP की लगभग 21% आदिवासी जनसंख्या 47 विधानसभा सीटों पर प्रभाव डालती है। BJP इस आयोजन के जरिए पड़ोसी राज्यों के आदिवासी समुदायों तक भी प्रभावी संवाद साधने की कोशिश में है।
गैरीसन ग्राउंड के आसपास आज ट्रैफिक बदला रहेगा
पुलिस ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को देखते हुए पेंटी नाका चौक से सृजन चौक, नर्मदा क्लब और सृजन चौक से यादगार चौक तक नो-व्हीकल ज़ोन घोषित किया है।
कार्यक्रम की शुरुआत से अंत तक यह व्यवस्था लागू रहेगी।
बिरसा मुंडा तिराहे पर भी बड़ा आयोजन
अधारताल तिराहा आज सुबह 9 बजे अखिल भारतीय आदिवासी शबरी महासंघ के तत्वावधान में बिरसा मुंडा जयंती कार्यक्रम से गूंजेगा। यहां उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा और उनके जीवन वृत्त पर प्रकाश डाला जाएगा।
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