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भोपाल विकास योजना 2047 का खाका तैयार, 61 हजार हेक्टेयर में होगा नियोजित विकास

26 सित, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल विकास योजना 2047 का खाका तैयार, 61 हजार हेक्टेयर में होगा नियोजित विकास
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। राजधानी के दीर्घकालीन और संतुलित विकास के लिए भोपाल विकास योजना-2047 का प्रारूप तैयार किया गया है। योजना में करीब 1,016.90 वर्ग किलोमीटर के निवेश क्षेत्र को शामिल करते हुए 254 गांवों को योजना से जोड़ा गया है। प्रस्तावित क्षेत्र की अनुमानित आबादी करीब 45 लाख रखी गई है, जबकि कुल 61,017.02 हेक्टेयर भूमि को विकास योग्य क्षेत्र के रूप में निर्धारित किया गया है।


योजना का फोकस प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ आर्थिक गतिविधियों, रोजगार और आधुनिक शहरी सुविधाओं के विस्तार पर है। इसके लिए चार प्रमुख आधार तय किए गए हैं: प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण, नागरिक हितैषी आधुनिक नियोजन, सुधारोन्मुख नियोजन तथा आत्मनिर्भर और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाला विकास।


ग्रीन एरिया बढ़ाकर 27 फीसदी करने का प्रस्ताव

प्रारूप में भोपाल के हरित क्षेत्र को विशेष महत्व दिया गया है। वर्ष 2005 की योजना में करीब 16 प्रतिशत रहे हरित क्षेत्र को बढ़ाकर भोपाल विकास योजना-2047 में लगभग 27 प्रतिशत प्रस्तावित किया गया है। तालाबों, जलाशयों, पहाड़ियों, वन क्षेत्रों और बाघ भ्रमण क्षेत्र के संरक्षण के प्रावधान भी किए गए हैं। भोजताल और उसके जलग्रहण क्षेत्र को संरक्षित रखने की अवधारणा को योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।


51 किमी का ग्रोथ कॉरिडोर

निवेश और रोजगार के नए केंद्र विकसित करने के लिए करीब 51 किलोमीटर लंबे ग्रोथ कॉरिडोर का प्रस्ताव है। इसमें एजुकेशन नॉलेज आर्टिफिशल इंटेलीजेंस (EKAI) सिटी, एयरपोर्ट, प्रस्तावित सीएमयू, लॉजिस्टिक भंडारण और थोक क्षेत्र सहित विभिन्न गतिविधियों को जोड़ने की योजना है। होटल, हॉस्पिटैलिटी, स्वास्थ्य सेवाएं, आईटी, एआई, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स, थोक बाजार, मॉल, कॉरपोरेट ऑफिस और एजुकेशन हब जैसी रोजगारपरक गतिविधियों के लिए मिश्रित भूमि उपयोग प्रस्तावित किया गया है। ग्रोथ कॉरिडोर को शहर के अलग-अलग हिस्सों से जोड़ने के लिए विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम और इंदौर मार्ग को भी इससे जोड़ने का प्रस्ताव है। साथ ही निवेश क्षेत्र की बाहरी सीमा पर प्रस्तावित बायपास को ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना है।


मिश्रित भूमि उपयोग और TOD पर जोर

योजना में आवासीय क्षेत्रों को कार्यस्थल और अन्य सुविधाओं के करीब लाने के लिए मिश्रित भूमि उपयोग को बढ़ावा देने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य शहर की आवाजाही को अधिक सार्वजनिक परिवहन आधारित बनाना है। विभिन्न रेडियल मार्गों के आसपास ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) जोन विकसित करने की बात कही गई है।bप्रारूप में भवनों की ऊंचाई और एफएआर को सड़क की चौड़ाई के आधार पर निर्धारित करने, विकास मानकों को सरल बनाने तथा पुराने भवनों के आसपास छोड़े जाने वाले एमओएस के पुनर्निर्धारण जैसे प्रावधान भी शामिल हैं।


री-डेवलपमेंट से लेकर अफोर्डेबल हाउसिंग तक

विकसित क्षेत्रों में भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए क्रिएटिव रीडेवलपमेंट को प्रोत्साहित करने का प्रस्ताव है। 70 प्रतिशत रहवासियों की सहमति की स्थिति में आरडब्ल्यूए आधारित आवासीय अपार्टमेंट के पुनर्विकास का प्रावधान भी प्रस्तावित है। इसके साथ ही अफोर्डेबल हाउसिंग और प्रवासी नागरिकों के लिए रेंटल हाउसिंग को बढ़ावा देने के प्रावधान रखे गए हैं। चैरिटेबल संस्थाओं के लिए भी एफएआर संबंधी कुछ प्रावधानों में छूट का प्रस्ताव है।



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