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MP बोर्ड परीक्षा से पहले सख्ती, साढ़े तीन लाख शिक्षक ESMA के दायरे में, दो माह की छुट्टियों पर रोक

08 जन, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
MP बोर्ड परीक्षा से पहले सख्ती, साढ़े तीन लाख शिक्षक ESMA के दायरे में, दो माह की छुट्टियों पर रोक

MP बोर्ड परीक्षा से पहले सख्ती, साढ़े तीन लाख शिक्षक ESMA के दायरे में, दो माह की छुट्टियों पर रोक

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश में बोर्ड परीक्षा की उलटी गिनती शुरू होते ही शिक्षा विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। इस बार परीक्षा में कोई अड़चन न आए, इसके लिए राज्य के करीब 3.5 लाख शिक्षकों को आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम यानी ESMA के तहत ला दिया गया है। मतलब साफ है – अगले दो महीने तक शिक्षक छुट्टी नहीं ले सकेंगे और न ही हड़ताल, धरना या किसी तरह का प्रदर्शन कर पाएंगे। माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने इसके आदेश सभी जिलों को भेज दिए हैं।


7 फरवरी से 13 मार्च तक चलेगी MP बोर्ड परीक्षा

प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षाएं 7 फरवरी से शुरू होकर 13 मार्च तक आयोजित होंगी। इस बार परीक्षा में करीब 18 लाख छात्र-छात्राएं शामिल होंगे।

परीक्षा केंद्र: लगभग 4,000

ड्यूटी पर स्टाफ: केंद्राध्यक्ष, उप केंद्राध्यक्ष, पर्यवेक्षक और सहायक स्टाफ

जिम्मेदारी: सभी जिलाधिकारियों को आदेश का सख्ती से पालन कराना होगा

मंडल ने साफ कर दिया है कि परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की कमी या अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


क्यों ESMA के दायरे में आए शिक्षक?

बोर्ड परीक्षा के दौरान कई बार हड़ताल, छुट्टियों या आंदोलन की वजह से परीक्षा व्यवस्था पर असर पड़ता है। इसे रोकने के लिए इस बार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। माध्यमिक शिक्षा मंडल के रजिस्ट्रार मुकेश मालवीय के मुताबिक, “परीक्षा के दौरान शिक्षकों की सेवाएं अत्यावश्यक सेवा के दायरे में रहेंगी। ESMA के निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि परीक्षा में किसी तरह का व्यवधान न हो।” यानी अब परीक्षा ड्यूटी से जुड़े शिक्षक बिना अनुमति छुट्टी नहीं ले पाएंगे और न ही आंदोलन में हिस्सा ले सकेंगे।


भोपाल में 105 परीक्षा केंद्र, वेरीफिकेशन पूरा

राजधानी भोपाल में इस बार बोर्ड परीक्षा के लिए 105 केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्रों का वेरीफिकेशन पूरा कर रिपोर्ट मंडल को भेज दी गई है।

सरकारी और निजी दोनों स्कूलों में परीक्षा

केंद्रों पर पर्याप्त स्टाफ की तैनाती

सीसीटीवी, बैठने की व्यवस्था और गोपनीय सामग्री की निगरानी

मंडल ने साफ निर्देश दिए हैं कि हर स्तर पर पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।


क्या होता है ESMA? जानिए कानून की पूरी ताकत

ESMA – Essential Services Maintenance Act (आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम) एक ऐसा कानून है, जो सरकार को जरूरी सेवाओं में हड़ताल और व्यवधान पर रोक लगाने की ताकत देता है। इस कानून के तहत आवश्यक सेवाओं में हड़ताल करना अवैध हो जाता ह, कर्मचारी को बिना वारंट गिरफ्तार किया जा सकता है और दोषी पाए जाने पर जुर्माना या जेल दोनों हो सकती है। अब परीक्षा के दौरान शिक्षक भी इसी श्रेणी में आ गए हैं, यानी उनका काम अब केवल नौकरी नहीं बल्कि “कानूनी जिम्मेदारी” बन गया है।

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