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भावांतर योजना में सोयाबीन की बंपर आवक, बिचौलियों पर रहेगी कड़ी नज़र, मंडी बोर्ड अलर्ट

22 नव, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भावांतर योजना में सोयाबीन की बंपर आवक, बिचौलियों पर रहेगी कड़ी नज़र, मंडी बोर्ड अलर्ट

भावांतर योजना में सोयाबीन की बंपर आवक, बिचौलियों पर रहेगी कड़ी नज़र, मंडी बोर्ड अलर्ट

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। भावांतर योजना के तहत प्रदेश की मंडियों में सोयाबीन की अप्रत्याशित आवक ने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। दो महीने से ज्यादा का समय बीतने के बाद भी सोयाबीन की बढ़ती आमद से आशंका जताई जा रही है कि कुछ लोग किसानों के नाम पर वेयरहाउस में रखी पुरानी या रिसाइकिल की गई सोयाबीन बेच रहे हैं, जिससे योजना का दुरुपयोग होने की संभावना बढ़ गई है। इस पर रोक लगाने के लिए मध्यप्रदेश मंडी बोर्ड ने सभी मंडी समितियों को सख्त निगरानी के निर्देश जारी किए हैं।


बिचौलियों की बढ़ी सक्रियता, मंडी सिस्टम पर खतरा

भावांतर योजना लागू होने के बाद से सोयाबीन की आवक में अचानक तेजी देखी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि असल किसान अब कम और बिचौलिए ज्यादा सक्रिय हो रहे हैं। मंडियों में आने वाले सोयाबीन के वास्तविक स्रोत पर संदेह जताया जा रहा है, क्योंकि फसल सीजन बीते दो माह से अधिक हो चुके हैं।


मंडी बोर्ड ने जारी किए सख्त निर्देश

दुरुपयोग रोकने के लिए मंडी बोर्ड ने सभी मंडियों में विशेष सतर्कता के लिए ये दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

➡️ प्रवेश के समय किसानों की रियल टाइम एंट्री रिकॉर्ड हो

➡️ पर्ची जारी करते समय केवल स्थायी कर्मचारी ही मौजूद रहें

➡️ हर ट्रॉली या वाहन के प्रवेश पर रजिस्ट्रेशन की जांच हो

➡️ पंजीकृत किसान या उनके अधिकृत प्रतिनिधि की उपस्थिति अनिवार्य हो

➡️ वेयरहाउस से लाई गई कृषि उपज के अनुज्ञा पत्रों की जांच की जाए

➡️ नीलामी प्रक्रिया के दौरान किसान या प्रतिनिधि की फोटो ली जाए

➡️ सीसीटीवी कैमरों का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाए


मंडियों में रिकॉर्ड पहुंच, लेकिन विश्वसनीयता पर सवाल

कई मंडी समितियों ने बीते दिनों सोयाबीन की अप्रत्याशित आवक दर्ज की है। विशेषज्ञों का कहना है कि योजना की लाभ लेने की दौड़ में वेयरहाउस से पुराने स्टॉक को किसानों के नाम पर बेचने की कोशिशें तेज हो गई हैं।


किसान हित, या योजनाओं पर व्यापारियों की नजर?

भावांतर योजना का उद्देश्य किसानों को सही मूल्य दिलाना है, लेकिन यदि इसमें बिचौलियों की घुसपैठ बढ़ती रही तो वास्तविक किसानों को नुकसान हो सकता है। मंडी प्रशासन और जिला अधिकारी इस पर निगरानी बढ़ा रहे हैं।


मंडी बोर्ड की चेतावनी

मंडी बोर्ड ने साफ चेतावनी दी है कि यदि किसी मंडी में भावांतर योजना के नाम पर गलत गतिविधियां पाई गईं तो संबंधित समिति प्रशासन के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

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