
भोपाल के ईरानी डेरे का नाम सुनते ही लोगों के जहन में अब डर बैठ गया है। यहां रहने वाले लोग सिर्फ शहर ही नहीं, बल्कि पूरे देश में लूट, चोरी और ठगी की वारदातों को अंजाम देते रहे हैं। पुलिस की ताजा जांच में सामने आया है कि ईरानी डेरे में एक-दो नहीं बल्कि 6 से ज्यादा संगठित गैंग सक्रिय हैं, जिनका मास्टरमाइंड एक ही है – राजू ईरानी, जो फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर है।
एक सरगना, कई गैंग – राजू ईरानी के इशारे पर चलता पूरा खेल
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि ईरानी डेरे में सक्रिय सभी गैंग के लीडर अलग-अलग हैं, लेकिन इन सभी का कंट्रोल एक ही व्यक्ति के हाथ में है – राजू ईरानी। हर गैंग में कई दर्जन गुर्गे शामिल हैं, जो चोरी, लूट, मोबाइल स्नैचिंग और हाईटेक ठगी जैसे अपराधों में माहिर हैं।
सूत्र बताते हैं कि गैंग के सदस्य खुद को अलग-अलग कामों में एक्सपर्ट बनाते हैं, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके और किसी एक वारदात का लिंक पूरे नेटवर्क से न जुड़ पाए।
दबिश में मोबाइल, लैपटॉप, पैनड्राइव का जखीरा – चोरी के फोन खोलने की फैक्ट्री
पुलिस ने जब ईरानी डेरे में दबिश दी तो वहां से बड़ी संख्या में मोबाइल, लैपटॉप, सीपीयू और पैनड्राइव बरामद हुए। इन सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। माना जा रहा है कि इन गैजेट्स का इस्तेमाल चोरी और लूट के मोबाइल फोन का सिक्योरिटी लॉक तोड़ने और डेटा एक्सेस करने में किया जाता था। यानी ईरानी डेरा सिर्फ चोरी का नहीं, बल्कि मोबाइल हैकिंग का भी बड़ा अड्डा बन चुका था।
काला ईरानी का काला कारोबार – प्रॉपर्टी में भी घोटाले की बू
पुलिस की जांच में एक और नाम सामने आया है – काला ईरानी। वह निशातपुरा इलाके में लंबे समय से प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़ा है। जनता नगर कॉलोनी में कई प्लॉटों की हेरफेर कर बिक्री करने की बात सामने आई है। काला ईरानी के करीबी रहीम पर भी पुलिस की नजर है। बताया जा रहा है कि करोड़ों की संपत्ति के मालिक बन चुके काला ईरानी के सभी लेन-देन और संपत्तियों की बारीकी से तस्दीक की जा रही है।
महीनों का ‘सफर’ – वारदात करने देशभर में घूमते थे कबीले के युवक
ईरानी डेरे में रहने वाले अपराधी वारदात से पहले महीनों अपने कबीले से दूर दूसरे शहरों और राज्यों में रहते थे, जिसे वे ‘सफर में होना’ कहते थे। इन गिरोहों के साथ हमेशा दो युवक ऐसे चलते थे, जो सीधे अपराध में शामिल नहीं होते थे। लेकिन लूट या चोरी के बाद मिले माल को सुरक्षित कबीले तक पहुंचाना इनकी जिम्मेदारी होती थी। कई बार आरोपी लग्जरी कार और बाइक से सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करते थे, ताकि पुलिस की पकड़ से दूर रहते हुए माल को सुरक्षित ठिकाने तक पहुंचाया जा सके।
रिश्तेदारी का नेटवर्क – महाराष्ट्र से राजस्थान तक फैली जड़ें
जांच में सामने आया है कि ईरानी डेरे के कई अपराधी आपस में रिश्तेदार हैं। इनके पारिवारिक रिश्ते महाराष्ट्र और राजस्थान तक फैले हुए हैं, जिससे वहां इनका नेटवर्क बेहद मजबूत हो गया है। इसी रिश्तेदारी के दम पर यह गैंग दिल्ली, मुंबई, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश समेत करीब 12 राज्यों में बेखौफ होकर वारदात करता रहा।
‘स्पेशल 26’ स्टाइल ठगी – नकली अफसर बनकर लूट
ईरानी डेरा सिर्फ लुटेरों और चोरों का अड्डा नहीं है, बल्कि यहां से फिल्म ‘स्पेशल 26’ की तर्ज पर ठगी की वारदातें भी की जाती थीं। गैंग के सदस्य नकली सेल टैक्स, कस्टम, सीबीआई और पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को डराते और उनसे लाखों-करोड़ों की ठगी करते थे। ईरानी डेरे में बसे करीब 70 परिवारों में शायद ही कोई ऐसा घर होगा, जहां किसी का क्रिमिनल रिकॉर्ड न हो।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

