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दिवाली से पहले फिर बिकने लगी प्रतिबंधित कार्बाइड गन, एक धमाके ने छीन ली थी बच्चे की आंख की रोशनी; एम्स ने दी चेतावनी

26 अक्टू, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
दिवाली से पहले फिर बिकने लगी प्रतिबंधित कार्बाइड गन, एक धमाके ने छीन ली थी बच्चे की आंख की रोशनी; एम्स ने दी चेतावनी
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। दिवाली के त्योहार से पहले प्रतिबंधित कार्बाइड गन की बिक्री दोबारा शुरू होने की जानकारी सामने आई है। बाजार में चोरी-छिपे बिक्री के साथ ऑनलाइन ऑर्डर और घर तक डिलीवरी के दावे भी किए जा रहे हैं।


पिछले साल इस देसी विस्फोटक उपकरण से एक बच्चे की आंख की रोशनी चली गई थी। एम्स ने लोगों को कार्बाइड गन और देसी विस्फोटक उपकरणों से दूर रहने की सलाह देते हुए गंभीर चोटों के खतरे के प्रति आगाह किया है।


शमशाबाद में हादसे के बाद भी नहीं थमा खतरा

पिछले साल दिवाली के दौरान शमशाबाद के धोबीखेड़ा गांव में रहने वाले ऋतिक अहिरवार की आंख में कार्बाइड गन के विस्फोट से गंभीर चोट लगी थी। घटना के बाद उनकी एक आंख की रोशनी चली गई, जबकि दूसरी आंख से भी उन्हें कम दिखाई देता है।


ऋतिक के पिता जसवंत सिंह के मुताबिक, दिवाली के दौरान एक बच्चा बारूद वाली कार्बाइड गन चला रहा था। इसी दौरान गन की दिशा ऋतिक की आंख की ओर हो गई और धमाके से उनकी आंख बुरी तरह जख्मी हो गई।


परिवार ने ऋतिक को इलाज के लिए भोपाल के एम्स के अलावा आनंदपुर और चित्रकूट में भी दिखाया। अब डॉक्टरों ने उन्हें आगे के उपचार के लिए चेन्नई ले जाने की सलाह दी है।


दुकानों पर नहीं मिल रही, ऑनलाइन बिक्री के दावे

पटाखा कारोबारियों के मुताबिक, सार्वजनिक स्थानों पर लगने वाली दुकानों पर प्रतिबंधित कार्बाइड गन और ऐसी सामग्री नहीं बेची जा रही है। इसके बावजूद कुछ लोगों के चोरी-छिपे इनकी बिक्री करने की जानकारी सामने आई है।


कार्बाइड गन की ऑनलाइन बिक्री के साथ होम डिलीवरी का दावा भी किया जा रहा है। बच्चों को आकर्षित करने वाले इस उपकरण में कैल्शियम कार्बाइड और अन्य रसायनों की मदद से विस्फोट पैदा किया जाता है।


एम्स ने बताया, आंख से लेकर हाथ-कान तक को खतरा

एम्स ने दिवाली के दौरान कार्बाइड गन और देसी विस्फोटक उपकरणों का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी है। इनके धमाके से शरीर के कई संवेदनशील हिस्सों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।


एम्स के अनुसार, संभावित चोटों में शामिल हैं:

* आंखों और चेहरे पर गंभीर चोट।

* हाथों और कानों को नुकसान।

* जलने की आशंका।

* स्थायी शारीरिक अक्षमता का खतरा।


अस्पताल ने अभिभावकों से बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने की अपील की है। किसी दुर्घटना में आंख पर चोट लगने पर बिना देर किए नेत्र चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी गई है।


क्या है कार्बाइड गन और कैसे होता है विस्फोट?

कार्बाइड गन कम लागत में बनाया जाने वाला देसी उपकरण है। पहले इसका इस्तेमाल खेतों में बंदरों और अन्य जानवरों को फसलों से दूर रखने के लिए किया जाता था। बाद में इसका उपयोग त्योहारों के दौरान पटाखों के विकल्प के रूप में होने लगा।


इसे तैयार करने में प्लास्टिक या धातु के पाइप, जैसे PVC पाइप, गैस लाइटर और कैल्शियम कार्बाइड का इस्तेमाल किया जाता है।


इसकी कार्यप्रणाली में कैल्शियम कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से एसिटिलीन गैस बनती है। यह गैस अत्यधिक ज्वलनशील होती है। चिंगारी मिलने पर गैस तेजी से जलती है, जिससे तेज धमाका होता है और बंदूक जैसी आवाज के साथ चिंगारी निकलती है।


आग वाले बैलून से भी हो चुके हैं हादसे

पिछले साल आग लगाकर आसमान में छोड़े जाने वाले बैलून भी कई स्थानों पर आग लगने की घटनाओं की वजह बने थे। इन हादसों के बाद ऐसे बैलून पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था।


कार्बाइड गन और आग वाले बैलून से जुड़े हादसों को देखते हुए दिवाली के दौरान बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

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