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चलती ट्रेन में CBI का एक्शन! सेंट्रल कमांड के वरिष्ठ अधिकारी के बैग से मिले 5 लाख, मचा हड़कंप

18 दिस, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
चलती ट्रेन में CBI का एक्शन! सेंट्रल कमांड के वरिष्ठ अधिकारी के बैग से मिले 5 लाख, मचा हड़कंप

चलती ट्रेन में CBI का एक्शन! सेंट्रल कमांड के वरिष्ठ अधिकारी के बैग से मिले 5 लाख, मचा हड़कंप

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

कटनी के पास चलती ट्रेन में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सीबीआई ने सेंट्रल कमांड लखनऊ में पदस्थ एक वरिष्ठ अधिकारी को रोका और उनके बैग से भारी मात्रा में नकदी बरामद की। चित्रकूट एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे अधिकारी के पास से करीब 5 लाख रुपए नकद जब्त किए गए हैं। यह कार्रवाई 7 दिसंबर को हुई थी, लेकिन मामला अब सामने आया है।


चलती ट्रेन में CBI की दबिश

जानकारी के मुताबिक, संबंधित अधिकारी जबलपुर में मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (MES) से जुड़े निर्माण और विकास कार्यों का निरीक्षण करने के बाद ट्रेन से लखनऊ लौट रहे थे। सीबीआई को पहले से इनपुट मिला था, जिसके आधार पर टीम ने कटनी के आसपास ट्रेन में अधिकारी को रोका और तलाशी ली।


कैश मिलते ही मचा हड़कंप

तलाशी के दौरान अधिकारी के बैग से करीब 5 लाख रुपए नकद बरामद होने के बाद हड़कंप मच गया। चलती ट्रेन में हुई इस कार्रवाई से यात्रियों और रेलवे स्टाफ के बीच भी चर्चा का माहौल बन गया।


पूछताछ में नहीं दे पाए संतोषजनक जवाब

सूत्रों के अनुसार, जब अधिकारी से नकदी के स्रोत के बारे में पूछताछ की गई तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद सीबीआई टीम उन्हें अपनी हिरासत में लेकर जबलपुर स्थित कार्यालय पहुंची, जहां देर रात तक पूछताछ की गई।


MES के कार्यों से जुड़ा हो सकता है मामला

प्रारंभिक जांच में सीबीआई इस पहलू की जांच कर रही है कि बरामद की गई रकम किसी रिश्वत, कमीशन या MES के निर्माण और विकास कार्यों से जुड़े लेन-देन से तो संबंधित नहीं है।


ठेकेदारों और प्रोजेक्ट्स की भी जांच

सीबीआई अब यह भी खंगाल रही है कि निरीक्षण के दौरान अधिकारी ने किन ठेकेदारों और अधिकारियों से मुलाकात की थी। साथ ही हाल के दिनों में MES के किन-किन प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई, इसकी भी जांच की जा रही है। अधिकारी के बैंक खातों, संपत्ति और कॉल डिटेल्स की जांच की संभावना है।


FIR दर्ज होने की संभावना

फिलहाल इस पूरे मामले में सीबीआई की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद रक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़े कार्यों में भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जांच के अगले चरण में एफआईआर दर्ज किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

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