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जनगणना 2027 में परिवारों से 40 सवाल, जाति, बैंक खाते और रोजगार से जुड़ी जानकारी भी होगी दर्ज

14 अग, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
जनगणना 2027 में परिवारों से 40 सवाल, जाति, बैंक खाते और रोजगार से जुड़ी जानकारी भी होगी दर्ज
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। भारत सरकार ने जनगणना 2027 के लिए प्रश्नावली जारी कर दी है। परिवार के मुखिया से 40 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें जाति, शिक्षा, रोजगार, प्रवास और बैंकिंग से जुड़ी जानकारियां शामिल हैं।


इस बार लोगों से उनके वाहन, कोविड टीकाकरण, मोबाइल, आधार और अन्य पहचान दस्तावेजों के बारे में भी जानकारी ली जाएगी। 14 अगस्त 2026 को प्रकाशित अधिसूचना में इसके लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं।


मकानों की गणना में 33 सवाल

मकानों की गणना के लिए 33 सवाल तय किए गए हैं। इसके बाद जनगणना के दौरान परिवार के मुखिया से कुल 40 सवाल पूछे जाने हैं। जनगणना अधिकारियों को सामाजिक, आर्थिक और व्यक्तिगत पहलुओं से जुड़ी जानकारी दर्ज करने की जिम्मेदारी दी गई है। यह प्रक्रिया जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 8 की उपधारा (1) के तहत होगी।


जाति की जानकारी ली जाएगी, OBC का अलग कॉलम नहीं

फरवरी में घर-घर पहुंचने वाले प्रगणक लोगों से SC-ST की जाति और जाति संबंधी जानकारी दर्ज करेंगे। प्रश्नावली में OBC के लिए अलग कॉलम नहीं दिया गया है। परिवार के मुखिया से यह भी पूछा जाएगा कि वह किस वाहन के जरिए आवागमन करता है। कोविड-19 के दौरान टीका कहां लगवाया गया था, इसकी जानकारी भी प्रश्नों में शामिल है।


बैंक खातों से पहचान दस्तावेजों तक सवाल

प्रश्नावली में परिवार के मुखिया के पास मौजूद बैंक खातों की संख्या से संबंधित सवाल भी रखा गया है। पहचान और संपर्क से जुड़ी जानकारी में ये शामिल हैं:

- मोबाइल नंबर

- आधार नंबर

- वोटर आईडी

- पासपोर्ट

- ड्राइविंग लाइसेंस


मोबाइल और आधार जैसी जानकारी के साथ अधिसूचना में “यदि उपलब्ध हो” का प्रावधान भी रखा गया है।


शिक्षा और रोजगार का भी बनेगा रिकॉर्ड

जनगणना 2027 केवल लोगों की संख्या दर्ज करने तक सीमित नहीं होगी। प्रगणक और सुपरवाइजर परिवारों से शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय, प्रवास और भाषा से संबंधित जानकारी भी जुटाएंगे। इसके साथ सामाजिक वर्ग, डिजिटल साक्षरता और बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े पहलुओं को भी प्रश्नावली में जगह दी गई है।


2011 के मुकाबले ज्यादा सवाल

2011 की जनगणना में पूछे गए सवालों की तुलना में इस बार प्रश्नों का दायरा बढ़ाया गया है। गृह मंत्रालय के भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय की अधिसूचना में अधिकारियों को अलग-अलग प्रकार की सूचनाएं एकत्र करने के निर्देश दिए गए हैं। भारत के राजपत्र में 14 अगस्त 2026 को प्रकाशित अधिसूचना के मुताबिक, स्थानीय क्षेत्र में रहने वाले लोगों से निर्धारित सवालों के जवाब लिए जाएंगे।


सरकार के लिए क्यों महत्वपूर्ण होगा यह डेटा?

जनगणना से जुटाई गई सूचनाओं के आधार पर देश की सामाजिक-आर्थिक स्थिति, शिक्षा, रोजगार और प्रवास की तस्वीर समझने में मदद मिलेगी। बुनियादी सेवाओं की जरूरत का आकलन करने के साथ भविष्य में सरकारी योजनाओं और नीतियों की तैयारी के लिए यह आंकड़ा महत्वपूर्ण आधार बन सकता है।

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