
भोपाल। मध्य प्रदेश के जबलपुर में सेंट्रल जीएसटी (CGST) टीम का ऐसा मेगा ऑपरेशन चला कि व्यापार जगत में हड़कंप मच गया। एक साथ चार ठिकानों पर रेड, करोड़ों की GST चोरी की आशंका, और बड़ी मात्रा में अघोषित कॉपर वायर—यह सब कुछ एक ही दिन में सामने आया।
जबलपुर में CGST का मेगा ऑपरेशन
मध्य प्रदेश में सेंट्रल जीएसटी टीम ने बड़ी छापेमार कार्रवाई करते हुए जबलपुर के चार अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। करोड़ों रुपये की GST चोरी की आशंका के मद्देनज़र यह ऑपरेशन अंजाम दिया गया है। फिलहाल टीम सभी ठिकानों से दस्तावेज जब्त कर गहन जांच में जुटी हुई है।
किन-किन ठिकानों पर पड़ी रेड?
CGST कमिश्नर लोकेश कुमार लिल्हारे के नेतृत्व में ये कार्रवाई हुई। जिन स्थानों पर छापेमारी हुई, उनमें शामिल हैं—
1) खंडेलवाल ट्रेडर्स, बलदेव बाग (कॉपर वायर व्यापारी)
यहां बड़ी मात्रा में अपंजीकृत/अघोषित कॉपर वायर बरामद किया गया। शुरुआती जांच में भारी GST चोरी की संभावना जताई जा रही है।
2) कचनार क्लब एंड रिज़ॉर्ट, विजय नगर
क्लब परिसर में दस्तावेजों की व्यापक पड़ताल की गई। टीम को यहां से लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण कागजात मिले हैं, जिनकी जांच जारी है।
3) आरांश एग्रोटेक, बलदेव बाग
यहां बिना वास्तविक माल आपूर्ति के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लेने का मामला सामने आया। टीम के अनुसार,
“माल के आयात-निर्यात के बिना ही फर्जी बिल के सहारे इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया जा रहा था।”
इस बयान के आधार पर बड़ा नेटवर्क उजागर होने की आशंका है।
4) कुनाल इंडस्ट्रीज, पांढुर्णा
यहां बिक्री-खरीद दस्तावेज, स्टॉक रजिस्टर और प्रोडक्शन रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है। दस्तावेजों के मिलान में बड़ी गड़बड़ियों की संभावना जताई जा रही है।
क्या बोले अधिकारी?
बयान के मुताबिक, CGST के आला अधिकारी ने जांच को लेकर स्पष्ट किया—
“हम सभी ठिकानों से बरामद दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
(बयान उसी भाषा में प्रस्तुत)
करोड़ों की चोरी का अनुमान, बड़े खुलासे की उम्मीद
टीम के सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले में भारी GST चोरी का अनुमान है। दस्तावेजी सबूत, स्टॉक की स्थिति और फर्जी बिलिंग के आधार पर आने वाले दिनों में बड़ा खुलासा हो सकता है। News World Web के जरिए हम आपको पल-पल की अपडेट देंगे।
अब आगे क्या?
जब्त दस्तावेजों की फॉरेंसिक-जैसी जांच
फर्जी ITC नेटवर्क की कड़ी दर कड़ी पड़ताल
दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की तैयारी
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