
भोपाल। मध्यप्रदेश में नवंबर की शुरुआत से पड़ रही कड़ाके की ठंड से हवाओं के रुख बदलते ही राहत मिल गई है। इससे भोपाल,इंदौर संभाग में न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हो रही है वहीं इससे उलट ग्वालियर,चंबल और मुरैना संभाग में तापमान तेजी से लुढ़क गया है और कड़ाके की ठंड जारी है। दरअसल राजस्थान से आ रही हवाओं की वजह से इस साल भोपाल,इंदौर सहित कई जिलों में पचमढ़ी और ग्वालियर से भी ज्यादा ठंड पड़ी थी लेकिन अब विंड पैटर्न के बदलते ही एक बार फिर से इन जिलों में तापमान गिर गया है।बुधवार को प्रदेश के ग्वालियर सहित 7 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। मध्यप्रदेश के 5 बड़े शहरों में ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 9.3 डिग्री,भोपाल में न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री,इंदौर में न्यूनतम तापमान 15.1 डिग्री,उज्जैन में न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री और जबलपुर में न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री दर्ज किया गया।
2 दिन बाद फिर होगी तापमान में गिरावट
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार देश के दक्षिणी हिस्से में एक लो प्रेशर एरिया एक्टिव है जिसके चलते प्रदेश के कई हिस्सों में बादलों का डेरा देखा जा रहा है। इस वजह से दिन के तापमान में गिरावट हुई है और दिन में सर्दी का अहसास हो रहा है।प्रदेश में हवा के दिशा बदलने और बादल छाने से अगले 2 दिनों तक मौसम में उतार चढ़ाव का सिलसिला जारी रहेगा। उत्तराखंड,हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर में बर्फबारी का दौर जारी है लेकिन हवाओं के रुख बदलने से उसका असर प्रदेश में कम ही नजर आ रहा है। फिलहाल प्रदेश में ऐसा ही मौसम रहने के आसार हैं हालांकि 2 दिन बाद एक बार फिर मौसम करवट लेगा और तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। वहीं दिसंबर की शुरुआत से कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो जाएगा। नवंबर की तरह ही इस साल दिसंबर में भी सर्दी के चलते पिछले कई सालों के रिकॉर्ड टूट सकते हैं। मौसम विभाग की माने तो इस साल सर्दी का सीजन भी मार्च के पहले पखवाड़े तक चल सकता है।
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