
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को हरदा में कृषि आधारित कौशल विकास व कस्टम हायरिंग पर केंद्रित राज्यस्तरीय किसान सम्मेलन में किसानों को खेतों में नरवाई न जलाने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में कृषि यंत्र की दुकानें खुलेंगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हरदा जिले ने विकास के हर क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बनाई है। हरदा जिले में शत-प्रतिशत कृषि रकबे में सिंचाई की सुविधा विकसित हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जन कल्याण के लिए 4 विशेष श्रेणियां - गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण तय की हैं। राज्य सरकार इन सभी श्रेणियों सहित प्रदेश के औद्योगिक और अधोसंरचनात्मक विकास को भी ध्यान में रखकर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सबसे तेज गति से युवाओं को रोजगार दिलाने वाला राज्य है। दूसरी ओर लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपए की सौगात दी जा रही है। अगर बहनें रोजगार आधारित उद्योग में काम करेंगी तो उन्हें 5000 रुपए अलग से दिलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में माताओं-बहनों का अपना अलग सम्मान है। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सांदीपनि विद्यालय स्थापित कर रही है। हरदा को तीन सांदीपनि विद्यालयों की सौगात मिली है।
232 करोड़ रुपए के 41 विकास कार्यों का किया लोकार्पण व भूमिपूजन
मुख्यमंत्री ने हरदा जिले के लिए करीब 232 करोड़ रुपए के 41 विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन किया। इसमें 199 करोड़ रुपए लागत के 36 कार्यों का लोकार्पण एवं 32 करोड़ रुपए लागत के 5 निर्माण कार्यों का भूमिपूजन शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूह की बहनों को चेक, किसानों को ड्रिप सिंचाई किट, नरवाई प्रबंधन, खाद्य प्रसंस्करण के लिए हितलाभ वितरित किए। उन्होंने कहा कि हरदा के किसानों के पास अब केज कल्चर से मत्स्य उत्पादन से लाभ कमाने का भी अवसर है।
जल्द हम प्रदेश के किसानों से 2700 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदेंगे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को गेहूं का उचित दाम दिलवाने के लिए संकल्पित है। इस वर्ष 40 रुपए का बोनस देकर 2625 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा जा रहा है। बहुत जल्द हम प्रदेश के किसानों से 2700 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नरवाई का समुचित प्रबंधन करते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसान भाई इससे जुड़ें। किसान नरवाई न जलाएं, इससे धरती माता की उर्वरक क्षमता प्रभावित होने लगती है।
मुख्यमंत्री की ओर से कही गई मुख्य बातें
. हरदा के कृषक भी बड़े पैमाने पर कृषि उद्योग लगाने के लिए आगे आएं। किसान भाइयों को इसके लिए 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा।
. प्रदेश में 55 लाख से अधिक सिंचाई का रकबा हो चुका है। पिछले दो साल में 10 लाख हेक्टेयर सिंचित रकबा बढ़ा है। आगामी 5 साल में इसे 100 लाख हेक्टेयर तक करने का लक्ष्य रखा गया है।
. नील गाय जैसे जानवरों से फसल को बचाने के लिए वन विभाग समुचित प्रबंधन कर रहा है।
सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए 17 विभागों को एक साथ जोड़ा है: विश्वास कैलाश सारंग
खेल एवं सहकारिता मंत्री व हरदा जिले के प्रभारी मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश को समृद्ध बनाने का संकल्प लिया है। हर क्षेत्र में विकास और जनकल्याण के कार्य तेजी से पूर्ण किए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए 17 विभागों को एक साथ जोड़ा है। कृषक कल्याण वर्ष में किसान भाइयों को नई-नई सौगातें मिल रही हैं। हमारा लक्ष्य खेती से अधिक से अधिक लाभ दिलवाना है। किसानों की फसलों को उचित मूल्य देने के लिए समर्थन मूल्य और भावांतर भुगतान योजना लागू की गई है।
मध्यप्रदेश को विकसित राज्यों की कतार में खड़ा कर दिया है: कमल पटेल
पूर्व मंत्री कमल पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पिछले दो वर्षों के कार्यकाल में मध्यप्रदेश को विकसित राज्यों की कतार में खड़ा कर दिया है। हरदा जिले की कृषि मंडी एक आदर्श मंडी है, जिले की प्रत्येक पंचायत में कार्यक्रमों के आयोजनों में डोम स्वीकृत हो चुके हैं। हर क्षेत्र में हरदा जिला प्रदेश में नंबर-1 है। हरदा जिले को जबलपुर से जोड़ने के लिए 232 किलोमीटर की नई 4 लेन सड़क बनेगी। इसके लिए टेंडर जारी हो चुका है। इस सड़क के बनने से पिपरिया, सोहागपुर और नरसिंहपुर से हरदा की कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी।
कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति
कार्यक्रम में हरदा विधायक रामकिशोर दोगने, जिला पंचायत अध्यक्ष गजेंद्र शाह, जिलाध्यक्ष राजेश वर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष हरदा भारती राजू कमेड़िया सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
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