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किसान की भूमिका में नजर आए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, ट्रैक्टर चलाकर कृषक कल्याण वर्ष का किया शुभारंभ

11 जन, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
Cm dr mohan yadav

Cm dr mohan yadav

Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को कृषक कल्याण वर्ष 2026 का शुभारंभ किया। वह किसान की भूमिका में नजर आए। खुद ट्रैक्टर चलाया और किसानों की 1101 ट्रेक्टरों की रैली का नेतृत्व किया। किसानों ने तालियां बजाकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह ट्रैक्टर रैली केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि किसानों की एकजुटता, आत्मविश्वास और प्रदेश सरकार की किसान-हितैषी सोच का सशक्त प्रतीक है। यह आयोजन इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार कृषि को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किसानों के हित में निरंतर और ठोस कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की नीतियों का केंद्र किसान, नारी, युवा और गरीब हैं। इन चारों वर्गों के सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार योजनाओं और कार्यक्रमों का निर्धारण कर रही है, जिससे विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मनाने की घोषणा की।

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कृषि कल्याण वर्ष 2026 के संकल्प की पूर्ति का यह पहला दिन है। पूरे वर्ष विकास एवं मंगल कार्यक्रम निरंतर संचालित किए जाएंगे। सरकार का प्रयास रहेगा कि किसान समृद्ध हों, कृषि टिकाऊ बने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिले।

 

16 विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों के हितों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। कृषक कल्याण वर्ष के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश सरकार के 16 विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करेंगे, जिससे कृषि से जुड़े सभी आयाम- उत्पादन, लागत, विपणन, आय और कल्याण एक साथ सुदृढ़ हो सकें।

 

किसानों की आमदनी में वृद्धि और कृषि लागत में कमी लाना उद्देश्य 

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की कृषि विकास दर 16 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो राज्य की कृषि क्षमता और नीतिगत प्रयासों की सफलता दर्शाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना ही नहीं, बल्कि किसानों की आमदनी में वृद्धि और कृषि लागत में कमी लाने के लिए ठोस एवं व्यावहारिक उपायों को धरातल पर उतारना है।



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