
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को शौर्य स्मारक से पुलिस बल के जांबाज जवानों की तिरंगा बाइक रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर शौर्य स्मारक में आयोजित कार्यक्रम में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले साढ़े 12 वर्षों में दुनिया ने सामर्थ्यशाली भारत की साख और धाक देखी है। भारत “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मूलमंत्र के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प के साथ वर्ष 2047 में हमारी आजादी की शताब्दी पूरी होगी, तब भारत सबसे शक्तिशाली और अग्रणी देश बनेगा। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और युवा देश है। यह हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था की खूबसूरती का ही परिणाम है कि जमीन से जुड़ा व्यक्ति अपनी क्षमता-योग्यता के बल पर तीन बार राज्य का मुख्यमंत्री और तीन बार देश का प्रधानमंत्री बन पाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर हम सभी 9 अगस्त से 17 अगस्त के बीच “हर घर तिरंगा, घर-घर तिरंगा अभियान” के तहत 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में उत्साह, उमंग और उल्लास के साथ सप्ताह भर तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही हैं। देश की आजादी के लिए अपना बलिदान और योगदान देने वाले सभी स्वतंत्रता सेनानियों पर प्रत्येक देशवासी को गर्व है। सभी देश और प्रदेशवासी आजादी के जश्न को पूरे जोश के साथ मनाएं। मुख्यमंत्री ने पहले शौर्य स्मारक स्थित भारत माता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। शौर्य स्मारक में प्रवासी सेनानी वीथी का लोकार्पण कर अवलोकन किया। यह वीथि भारत की आजादी के संघर्ष, बलिदान और यशोगाथा में प्रवासी भारतीयों के योगदान को समर्पित है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शौर्य स्मारक में लगाई गई भारत विभाजन विभीषिका पर केन्द्रित चित्र प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि देशभक्ति और जनसेवा के भाव से तिरंगा यात्रा में शामिल हुए पुलिस जवान राजधानी भोपाल में घूमकर जन-जन को राष्ट्र सेवा के लिए प्रोत्साहित करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर 'हर घर तिरंगा-घर-घर तिरंगा' अभियान पूरे देश में राष्ट्रभक्ति और जनभागीदारी का उत्सव बन चुका है। सभी राज्यों में हर जिले और नगर में तिरंगा शान से लहरा रहा है।
बंटवारे के बाद हजारों, लाखों परिवारों को अपने घर द्वार छोड़ने पड़े
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज 'विभाजन विभीषिका दिवस' है। यह दिन भारत के बंटवारे की भीषण त्रासदी और उससे उपजी पीड़ा की याद दिलाता है। बंटवारे के बाद हजारों, लाखों परिवारों को अपने घर द्वार छोड़ने पड़े। परमात्मा से कामना है कि देश में दोबारा कभी ऐसी घटना न हो, जब भारत को अपने ही अंग को अलग करना पड़े। विभाजन के समय 1947 का मंजर अत्यंत कष्टकारी था, जिसने बच्चे, बुजुर्गों, महिलाओं सहित करोड़ों लोगों को प्रभावित किया। विभाजन की विभीषिका इतनी दर्दनाक है कि उस पीड़ा और कठिन परिस्थितियों को याद कर आज भी मन व्यथित हो जाता है। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव संस्कृति एवं पर्यटन शिवशेखर शुक्ला, एनसीसी कैडेट्स, पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
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