
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को उज्जैन को 173 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने महाकाल महालोक आयोजित समारोह में 15 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के समान विकास के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है। उज्जैन (अवंतिका) एक प्राचीन नगर है। यहां का व्यापार व्यवसाय और इसका वैभव ही सदियों से इस नगर का गौरव और पहचान रही है। उज्जैनवासियों ने हर काल में शहर के विकास में सहयोग दिया है और आज भी यहां के लोग विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए स्वैच्छिक योगदान दे रहे हैं।
उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सदस्य बालयोगी उमेशनाथ महाराज, सांसद डॉ. लता वानखेड़े व महापौर मुकेश टटवाल ने भी संबोधित किया। मध्यप्रदेश गृह एवं अधोसंरचना निर्माण मंडल के अध्यक्ष ओम जैन, सिंहस्थ प्राधिकरण के अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, पूर्व विधायक राजेन्द्रध भारती, संजय अग्रवाल, जगदीश पांचाल व बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।
उज्जैन को जल्द ही मेट्रो ट्रेन की सौगात भी मिलेगी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन को जल्द ही मेट्रो ट्रेन की सौगात भी मिलेगी। भोपाल के मास्टर प्लान का ड्रॉफ्ट प्रकाशित कर दिया गया है। ग्वालियर नई मेट्रोपॉलियन सिटी के रूप में विकसित होगा साथ ही इसे टेलीकॉम सिटी के रूप में भी विकसित किया जा रहा है।
इंदौर-भोपाल-जबलपुर तक औद्योगिक गलियारा बनेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर-भोपाल-जबलपुर तक औद्योगिक गलियारा बनने जा रहा है। इससे पूरे प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। हमारी सरकार सेवा भाव से समान रूप से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुगम परिवहन सेवा से प्रदेश में नई परिवहन सेवाएं प्रारंभ की गई हैं। इसके अन्तर्गत यात्री बसें एक नगर से दूसरे नगर तक ही नहीं, बल्कि एक राज्य से दूसरे राज्य तक जाएंगी। उज्जैन में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा के लिए उज्जैन दर्शन हेतु 10 नई पीएम ई-बस सेवाओं का शुभारंभ किया गया है।
12 कार्यों का भूमि-पूजन और 3 कार्यों का लोकार्पण
कार्यक्रम में 15 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया गया। इसमें 12 कार्यों का भूमिपूजन और 3 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। भूमि-पूजन कार्यों में मुख्य रूप से नगर निगम उज्जैन के 8 बड़े कार्य हैं, जिनमें गौशाला मार्ग से शिप्रा विहार मार्ग निर्माण, महाकाल लोक क्षेत्र में पार्किंग सुविधा, श्री महाकाल मंदिर परिसर का विकास एवं क्षिप्रा नदी के घाटों का जीर्णोद्धार जैसे कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही उज्जैन स्मार्ट सिटी द्वारा महाकाल मंदिर के पीछे लैंडस्केपिंग, पुलिस विभाग द्वारा चिंतामण जवासिया में पुलिस आवास और उन्हेल में थाना भवन तथा पर्यटन विभाग द्वारा 45 नगरीय वनों का विकास कार्य शामिल है, जिनकी कुल लागत 153.31 करोड़ रुपये है। लोकार्पित किए गए कार्यों में पुलिस आवास अधोसंरचना विकास निगम द्वारा नीलगंगा और उन्हेल में निर्मित पुलिस आवास एवं थाना भवन तथा ऊर्जा विभाग द्वारा बड़नगर में निर्मित 33/11 के.व्ही. उपकेन्द्र शामिल हैं, जिनकी कुल लागत 19.56 करोड़ रुपये है।
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