
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में 850 करोड़ रुपए निवेश वाली दो आधुनिक औद्योगिक इकाइयों का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि ये नई औद्योगिक इकाइयां विकास और समृद्धि की नई धारा को आगे बढ़ाएंगी। इनसे सैकड़ों युवाओं को रोजगार के नये अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आज विकास और आत्मनिर्भरता के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। वर्ष 2014 के पहले के भारत और उसके बाद के भारत में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है। आज भारत का नवीन स्वरूप पूरी दुनिया के सामने उभरकर आया है। मध्यप्रदेश भी इसी विकास यात्रा में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रताप ग्रुप की औद्योगिक इकाइयों कॉर्सिस इंडस्ट्रीज और वोल्टर्स टेक्नोलॉजी का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत विशेष रूप से मौजूद थे। इसके अलावा विधायक नीना वर्मा, निलेश भारती, प्रताप ग्रुप के चेयरमैन देवेंद्र सिंह शेखावत, मानकुंवर, डॉ. जितेंद्र सिंह शेखावत, मैनेजिंग डायरेक्टर प्रताप ग्रुप शक्ति सिंह, मोहन शेखावत, प्रपन्ना आदि भी मौजूद थे।
युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर देने की जरूरत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज से शुरू हुई दोनों इकाइयां उच्च तकनीक आधारित विनिर्माण एवं स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं को और मजबूत करेंगी। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराना और अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सबसे बड़ी आवश्यकता है। भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और मध्यप्रदेश भी युवा शक्ति से समृद्ध है। युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग करने के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है।
इकाइयों में युवाओं के प्रशिक्षण की पर्याप्त व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में युवाओं के प्रशिक्षण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इन औद्योगिक गतिविधियों प्रत्यक्ष औरपरोक्ष रूप से लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की संभावना है, इसकी शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि निवेश के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी तेजी से बढ़ें, जिससे प्रदेश की आर्थिक समृद्धि को नई गति मिल सके।
मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि: गजेंद्र सिंह शेखावत
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि पीथमपुर में बैटरी स्टोरेज प्लांट और ऑप्टिकल फाइबर केबल के बैकवर्ड इंटीग्रेशन के तहत कोर निर्माण इकाई का शुभारंभ मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। दोनों इकाइयों में लगभग 850 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। उन्होंने कहा कि ये इकाइयां महज दो कारखानों का उद्घाटन नहीं, बल्कि भारत के तेजी से बदलते औद्योगिक परिदृश्य और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का प्रतीक हैं।
ऊर्जा भंडारण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि बैटरी स्टोरेज प्लांट देश की बढ़ती ग्रीन एनर्जी आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जबकि ऑप्टिकल फाइबर इकाई डिजिटल कनेक्टिविटी और संचार अधोसंरचना को मजबूती देगी। ऊर्जा भंडारण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और पीथमपुर की यह इकाई निर्बाध विद्युत आपूर्ति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत के विनिर्माण क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन हुआ है।
एमपी में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं
केन्द्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्याप्त बिजली, जल, कच्चा माल, बेहतर सड़क एवं लॉजिस्टिक्स अधोसंरचना व निवेश अनुकूल नीतियों के कारण औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं हैं। दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर और बेहतर एक्सप्रेस-वे कनेक्टिविटी प्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायक हैं।
संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता 5.5 मिलियन फाइबर किलोमीटर: देवेंद्र सिंह
प्रताप ग्रुप के देवेंद्र सिंह शेखावत ने औद्योगिक इकाइयों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीथमपुर के प्लॉट नं. 98 पर कोर्सिस इंउस्ट्रीज द्वारा अत्याधुनिक आप्टिकल फाईवर मैन्युफेक्चरिंग प्लांट स्थापित किया गया है। लगभग 8,067 वर्गमीटर क्षेत्र में स्थापित इस संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता 5.5 मिलियन फाइबर किलोमीटर है। इकाई से लगभग 300 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के नये अवसर मिले है।
. इस संयंत्र में निर्मित ऑप्टिकल फाइबर का उपयोग ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी, 5जी नेटवर्क, एफटीटीएच, डेटा सेंटर, स्मार्ट सिटी, रक्षा एवं अन्य रणनीतिक संचार अवसंरचना में किया जाएगा।
. यह परियोजना डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया एवं आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्यों को गति प्रदान करेगी।
. वाल्टर्स टेक्नोलॉजिस प्रायवेट लिमिटेड लगभग 20,505 वर्गमीटर क्षेत्र में स्थापित इस संयंत्र की उत्पादन क्षमता 3 GWh है। इससे लगभग 250 प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है।
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