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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वृंदावन पहुंचकर संतों को सिंहस्थ के लिए किया आमंत्रित, संघ प्रमुख मोहन भागवत भी रहे मौजूद

24 मार्च, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव।

Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को वृंदावन पहुंचे। जीवनदीप आश्रम के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए। साथ ही संतों को सिंहस्थ-2028 के लिए आमंत्रित भी किया। इस दौरान आरएसएस के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत की भी मौजूदगी रही। 


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश से मथुरा-वृंदावन-गोकुल क्षेत्र का 5000 वर्ष से जीवंत संपर्क रहा है। भगवान श्रीकृष्ण बृज में पराक्रम करने के बाद शिक्षा ग्रहण करने उज्जैन के सांदीपनि आश्रम पधारे थे। इस नाते विश्व के सम्मुख भगवान श्री कृष्ण का जो विराट व्यक्तित्व आया उसमें उज्जयिनी का योगदान रहा। मथुरा-गोकुल के समान मध्यप्रदेश भी सनातन के विचार को बनाए रखने और उसके विस्तार में योगदान देता रहा है। 


कार्यक्रम में श्री पंच दस नाम जूना अखाड़ा महामंडलेश्वर जीवनदीप पीठाधीश्वर स्वामी यतींद्र आनंद गिरि, महामंडलेश्वर अवधेशानंद जी, साध्वी ऋतंभरा, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी मौजूद रहे। 


सनातन धर्म-संस्कृति की ध्वजा विपरीत परिस्थितियों में भी लहरा रही: मोहन भागवत 

संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि वर्तमान में विश्व के कई देशों की व्यवस्था लड़खड़ा रही है। सनातन धर्म-संस्कृति की ध्वजा कई विपरीत परिस्थितियों को झेलने के बाद भी पूर्ण गरिमा के साथ लहरा रही है। इसमें हमारे आश्रमों और संतों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने प्रदेश के बड़वानी जिले में भारती ताई की ओर से गरीब बच्चों के लिए संचालित विद्यालय की सराहना की। 


संसार की बाधाओं से बढ़कर हमारी मन की आंतरिक बधाएं होती हैं: साध्वी ऋतंभरा

पद्मभूषण से सम्मानित साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि जीवनदीप आश्रम से वृंदावन की भव्यता में और वृद्धि होगी। संसार में विद्यमान बाधाओं से बढ़कर हमारी मन की आंतरिक बधाएं होती हैं, जो किसी कार्य को पूर्ण होने से रोकती हैं। उन्होंने कहा कि अगर हम लक्ष्य प्राप्ति के लिए मनसा वाचा कर्मणा, शत-प्रतिशत प्रयास करें तो दुनिया की कोई भी शक्ति हमें अपने ध्येय की प्राप्ति से रोक नहीं सकती।


हमारे संतजन जनकल्याण के कार्य को समर्पित हैं: आरिफ मोहम्मद खान

बिहार और केरल के पूर्व राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि भारतीय संस्कृति में ज्ञान की धारा प्रवाहमान है, लेकिन हम अपने विश्वविद्यालयों में इसे भारतीय परिवेश के अनुरूप नहीं पहुंचा सके हैं। भविष्य में जीवन दीप आश्रम, ज्ञान के संरक्षण एवं संवर्धन का बड़ा केंद्र बनेगा। हमारे संतजन जनकल्याण के कार्य को समर्पित हैं।

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