
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को समत्व भवन में स्व-गणना पोर्टल se.census.gov.in पर प्रारंभिक पंजीकरण कर प्रदेश में स्व-गणना प्रक्रिया की शुरुआत की। प्रदेश में 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना का कार्य होगा। एक से 30 मई तक मकान सूचीकरण होगा। यह प्रक्रिया डिजिटल रूप से होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 16 अप्रैल से प्रदेश में जनगणना का शुभारंभ हो रहा है। यह सिर्फ आंकड़ों की प्रक्रिया नहीं बल्कि हमारे राष्ट्र के भविष्य को सही दिशा देने का महत्वपूर्ण कदम है। जनगणना देश की रीढ़ है, यह विकास की नींव है। इस बार की जनगणना डिजिटल और आधुनिक तकनीक के साथ हो रही है। प्रदेशवासियों को इसमें पूर्ण निष्ठा और सत्यता के साथ भाग लेना चाहिए। यह जनगणना हमारे बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों की प्रक्रिया नहीं बल्कि राष्ट्र के भविष्य को सही दिशा देने का महत्वपूर्ण कदम है। इससे हम जान सकेंगे कि विकास की धारा समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सुगमता से पहुंच रही है या नहीं। यह जनगणना हमारी अगली पीढ़ी के उज्जवल भविष्य के लिए है। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि जनगणना में वह सही, सटीक और पूर्ण जानकारी दे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना में लगे कर्मचारी-अधिकारी राष्ट्र निर्माण का पवित्र कार्य कर रहे हैं। उनका परिश्रम और सटीकता से किया गया कार्य देश के भविष्य को मजबूत बनाएगा। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, कलेक्टर भोपाल प्रियंक मिश्रा, आयुक्त भोपाल नगर निगम संस्कृति जैन, जनगणना संचालनालय के डिप्टी रजिस्टार जनरल डॉ. विजय कुमार सहित जिला प्रशासन और जनगणना संचालनालय के अधिकारी उपस्थित थे।
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