
भोपाल। ‘अलनीनो का संकट डरने वाला है। ऐसे में पानी की एक-एक बूंद को बचाना है। जल गंगा संवर्धन अभियान भले संपन्न हो गया पर प्रदेश में जल संरक्षण का कार्य लगातार जारी रहेगा। अमृत सरोवर, नदियों के उद्गम स्थलों व जल संरक्षण के अन्य स्रोतों पर काम चलता रहेगा।
ये बातें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को राजगढ़ जिले के भैंसवामाता में आयोजित जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन समारोह व विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन और लोकार्पण कार्यक्रम में कहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण का काम किया जा रहा है। 19 मार्च से 30 जून तक चले अभियान में 10, 514 करोड रुपए की लागत से 3.62 लाख जल स्रोतों (नदियों, तालाबों, कुओं और बावड़ियों जैसी पारंपरिक जल संरचनाओं) का पुनरुद्धार किया गया है।
अभियान के तहत बड़े राज्यों में मध्य प्रदेश में सर्वाधिक अच्छा काम किया है। पूरे देश के 700 से अधिक जिलों में जहां अच्छा काम हुआ है, ऐसे टॉप 10 जिलों में से 6 मध्य प्रदेश के हैं। उनमें एक जिला राजगढ़ भी है। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, मंत्री गौतम टेटवाल भी मौजूद रहे।
31 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में राजगढ़ के 341 करोड़ 22 लख रुपए से अधिक लागत के 31 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी किया। 14 विकास कार्यों का भूमि पूजन और 17 का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने कांग्रेस पर निशाना भी साधा। सांदीपनि स्कूल की सुविधाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के जमाने में स्कूलों में टाट पट्टी भी बच्चों को नसीब नहीं होती थी। कांग्रेस के काम को जनता बखूबी जानती है। मुख्यमंत्री ने गेहूं खरीद और समर्थन मूल्य में वृद्धि, सिंचाई का रकबा बढ़ाने को लेकर भाजपा सरकार से तुलना भी की।
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