
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार की शाम लोक भवन पहुंचकर राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुलाकात की। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को सरकार के दो वर्ष सफलतापूर्वक पूरे होने की बधाई दी। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को बताया कि वर्ष 2026 को 'कृषि वर्ष' के रूप में मनाया जा रहा है। किसानों को देश-विदेश में हो रहे नवाचारों से रूबरू कराया जाएगा।
राज्यपाल को मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश शासन की उपलब्धियों पर केंद्रित पुस्तकें भेंट की और मध्यप्रदेश में बीते दो वर्षों में हुए विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी भी दी। उन्हें बताया कि इस वर्ष की थीम 'समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश' रखी गई है। बीता वर्ष उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाया गया था। कृषि वर्ष 2026 में आरंभ की जा रही सभी गतिविधियां अगले तीन साल का लक्ष्य तय कर संचालित की जा रही हैं। किसान कल्याण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण, सहकारिता, पशुपालन एवं डेयरी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राजस्व, ऊर्जा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा सभी विभागों की सहभागिता होगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, मुख्यमंत्री के सचिव आलोक कुमार सिंह, आयुक्त जनसम्पर्क दीपक कुमार सक्सेना सहित लोकभवन के अधिकारी भी उपस्थित थे।
ऑटो क्लस्टर्स की औद्योगिक उपलब्धियों को वैश्विक मंच पर किया जाएगा प्रदर्शित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि विश्व आर्थिक मंच 2026 की वार्षिक बैठक 18 से 23 जनवरी 2026 में स्विट्जरलैंड के दावोस में होने जा रही है। इसका विषय 'ए स्पिरिट ऑफ डायलॉग' और 'अनलॉकिंग न्यू सोर्सेस ऑफ ग्रोथ' है। इसमें प्रदेश में पीथमपुर जैसे ऑटो क्लस्टर्स की औद्योगिक उपलब्धियों को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट और रीवा अल्ट्रा मेगासोलर प्रोजेक्ट से राज्य की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता को प्रस्तुत किया जाएगा।
33 हजार किसानों के खेतों में सोलर पंप लगाने के लिए हो चुके कार्यादेश
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में प्रधानमंत्री कुसुम-बी योजना (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान) द्वारा किसानों के लिए सोलर पंप योजना चलाई जा रही है। प्रदेश में यह योजना प्रधानमंत्री कुसुम-बी योजना' प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना' के नाम से संचालित है। प्रदेश के 33 हजार किसानों के खेतों में सोलर पंप लगाने के लिए कार्यादेश हो चुके हैं। करीब 34 हजार 600 लेटर ऑफ अवॉर्ड भी इकाइयों को प्रदान किए जा चुके हैं। इस योजना से प्रदेश के 52 हजार किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है।
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