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एमपी में 25 सितंबर से शुरू होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा, 2030 तक 75% गांवों को बस कनेक्टिविटी का लक्ष्य: डॉ. मोहन यादव

11 सित, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
एमपी में 25 सितंबर से शुरू होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा, 2030 तक 75% गांवों को बस कनेक्टिविटी का लक्ष्य: डॉ. मोहन यादव
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा का शुभारंभ किया जाएगा। इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट-2026 का शुभारंभ करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुरक्षित, आधुनिक, भरोसेमंद और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित की जाएगी।


मुख्यमंत्री ने निजी बस ऑपरेटरों, बस निर्माता कंपनियों और उद्योग जगत से सरकार के साथ मिलकर ऐसा सार्वजनिक परिवहन मॉडल विकसित करने का आह्वान किया, जो देश के लिए उदाहरण बने। उन्होंने कहा कि सुगम परिवहन सेवा से ग्रामीण, अंतर्जिला और अंतरराज्यीय बस कनेक्टिविटी मजबूत होगी तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।


प्रमुख आंकड़े

- 25 सितंबर 2026 से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ।

- 2030 तक 75% गांवों तक बस सेवा पहुंचाने का लक्ष्य।

- प्रदेश में करीब 5 लाख किलोमीटर का सड़क नेटवर्क।

- 15 हजार से अधिक बसों के संचालन की क्षमता।

- रूट सर्वे के आधार पर करीब 150 सिटी, 450 इंटरसिटी और 436 इंटरस्टेट रूट विकसित किए जाएंगे।

- प्रदेश के 55 जिलों का रूट सर्वे पूरा।

- समिट में 2,000 से अधिक प्रतिनिधि और 100 प्रमुख उद्योग विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं।

- ई-बसों से इंदौर क्षेत्र में प्रतिवर्ष करीब 70 हजार टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन रोकने का अनुमान।

- उज्जैन में इस वर्ष करीब 14 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान।

- प्रदेश में प्रतिवर्ष 20 करोड़ से अधिक पर्यटकों के आने का उल्लेख।


पीपीपी मॉडल पर विकसित होगी परिवहन व्यवस्था

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत बस संचालन को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल से विकसित किया जाएगा। इसमें इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए बसों की निगरानी और संचालन होगा। बसों में सीसीटीवी, जीपीएस, पैनिक बटन और रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं शामिल की जाएंगी। इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार आधुनिक बस टर्मिनल, बस स्टैंड, डिपो और बस स्टॉप जैसी अधोसंरचना विकसित करने के साथ डिजिटल टिकटिंग और रियल-टाइम यात्री सूचना प्रणाली पर भी फोकस करेगी।


भोपाल-इंदौर में रैपिडो के साथ पायलट प्रोजेक्ट

फर्स्ट और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए MPYPIL और रैपिडो के बीच एमओयू किया गया। इसके तहत बस स्टैंड, बस स्टॉप और मेट्रो स्टेशनों की जानकारी तकनीकी प्लेटफॉर्म से जोड़ी जाएगी। शुरुआत में यह व्यवस्था भोपाल और इंदौर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू होगी। महिलाओं द्वारा संचालित ‘Rapido Pink’ बाइक-टैक्सी सेवा को भी बढ़ावा दिया जाएगा।


मोबिलिटी इनोवेशन चैलेंज शुरू

मुख्यमंत्री ने ‘MP Mobility Innovation Challenge-2026’ का भी शुभारंभ किया। इसका उद्देश्य परिवहन से जुड़ी वास्तविक समस्याओं के लिए नई तकनीक और नवाचार तलाशना है। इसमें AI एवं डेटा आधारित मोबिलिटी, वित्तीय एवं परिचालन स्थिरता, समावेशी परिवहन, इंफ्रास्ट्रक्चर व लास्ट-माइल कनेक्टिविटी और ग्रीन मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों पर फोकस रहेगा।


MPYPIL लोगो प्रतियोगिता के विजेता सम्मानित

MPYPIL के लोगो के लिए आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 135 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। सासाराम के सुधाकर कुमार को 5 लाख रुपये, दिल्ली के चयन वोहरा को 2 लाख रुपये और भोपाल की गौरांगी शर्मा को 1 लाख रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

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