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बच्चों का विवाह कभी भी रात्रि में नहीं करना चाहिए: देवकीनंदन ठाकुर

15 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
बच्चों का विवाह कभी भी रात्रि में नहीं करना चाहिए: देवकीनंदन ठाकुर
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। 'हमें अपने बच्चों का विवाह कभी भी रात्रि में नहीं करना चाहिए। रात्रि का समय दैत्यों का होता है। रात्रि के समय के विवाह दैत्य प्रणाली से होते हैं और दिन के विवाह देव प्रणाली से होते हैं।'  ये उदगार प्रख्यात कथावाचक व धर्माचार्य देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने सोमवार को बावड़िया कला के रुद्राक्ष किंगस्टन परिसर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में व्यक्त किए।


महाराज जी ने कहा कि कुछ लोग रात्रि में पूजा करने के लिए कहते हैं। जबकि विशेष रात्रि को छोड़कर कभी भी रात्रि में पूजा नहीं करनी चाहिए। शिवरात्रि और नवरात्रि जैसी कुछ अवसरों पर ही रात्रि में पूजा का विधान है। आजकल भीड़ देखकर रात तक मंदिर खोले जा रहे हैं। जो की उचित नहीं है। शालिग्राम डेवलपर्स रुद्राक्ष किंग्सटन के सहयोग से आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन महाराज जी ने कपिल-देवहूति संवाद, सती चरित्र, ध्रुव चरित्र का प्रसंग सुनाया। वामन अवतार के प्रसंग के दौरान वामन भगवान की सुंदर जीवंत झांकी के दर्शन श्रद्धालुओं ने किया। 


शालिग्राम-तुलसी जी का विधिविधान से किया अर्चन-पूजन

कृष्ण पक्ष की अमावस्या पर देवकी नंदन ठाकुर महाराज ने शालिग्राम-तुलसी जी का विधिविधान से अर्चन-पूजन सम्पन्न कराया। कथा के आयोजक व यजमान शालिग्राम डेवलपर्स के सीएमडी देवेंद्र चौकसे ने सपत्नीक अनुष्ठान में हिस्सा लिया। बाद में परिवार के साथ भागवत जी की आरती में हिस्सा लिया। 


महाराज जी राष्ट्र कथा भी कह रहे हैं: डॉ. महेंद्र सिंह

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि महाराज जी श्रीमद् भागवत कथा के साथ राष्ट्र कथा भी कह रहे हैं। वह देश के जागरण का भी काम कर रहे हैं। उन्होंने कथा के आयोजन के लिए देवेंद्र चौकसे परिवार का भी धन्यवाद ज्ञापन किया। कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा शहर के अधिक से अधिक लोगों को कथा सुनने का लाभ लेना चाहिए। 


डबरा में बने नव ग्रह मंदिर की भव्यता को सराहा

प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की उपस्थिति में देवकी नंदन ठाकुर जी महाराज ने डबरा में उनकी ओर से बनाए गए नव ग्रह मंदिर की भव्यता की सराहना की। मंच पर बुलाकर डॉ. नरोत्तम मिश्रा को आशीर्वाद प्रदान किया। डॉ. मिश्रा ने कहा कि यह भोपाल का सौभाग्य है कि उन्हें देवकीनंदन ठाकुर महाराज से कथा सुनने का अवसर मिल रहा है। 


महापौर मालती राय ने महाराज जी से प्राप्त किया आशीर्वाद

तीसरे दिन की कथा में भोपाल की महापौर मालती राय शामिल हुईं। उन्होंने पुराण-वेद के पूजन और आरती में हिस्सा लिया और व्यास पीठ पर विराजमान देवकीनंदन ठाकुर महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। कथा में पूर्व कैबिनेट मंत्री पीसी शर्मा, भाजपा के प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, प्रदेश मंत्री लोकेंद्र पाराशर, भोपाल भाजपा के जिला अध्यक्ष रविंद्र यति भी शामिल हुए। 


अपूज्य की पूजा करने से घर में आता है संकट

धर्माचार्य देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने कहा कि अपूज्य की पूजा करने से घर में संकट आता है। एक बार कोई कहीं जाकर चादर चढ़ा आए तो प्रभु फिर उसकी पूजा स्वीकार नहीं करते। प्रभु भी यही चाहते हैं कि भक्त उसी का बनकर रहे। 


आपके हाथ बस आपका अपना कर्म ही है

महाराज जी ने कहा कि ना लाभ आपके हाथ है ना हानि, ना यश आपके हाथ है ना अपयश, अपना जन्म आपके हाथ है ना मृत्यु। आपके हाथ बस आपका अपना कर्म ही है। इसलिए कर्म करते हुए सबकुछ गोविंद के ऊपर छोड़ देना चाहिए। गोविंद कभी अपने काम को पीछे नहीं छोड़ते। उन्होंने कहा कि जिस दिन मन भगवान के चरणों में लग जाए, वही सच्ची मुक्ति है। मन संसार में ही लगा हुआ है, तो समझो तुम बंधे हुए हो।


भगवान के ऊपर अपनी मर्जी ना थोपें

धर्माचार्य देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने कहा कि भगवान के ऊपर अपनी मर्जी नहीं थोपनी चाहिए। जो भगवान दे दें उसे सहज स्वीकार कर लेना चाहिए। इसे ही भक्त कहते हैं। प्रसंग के दौरान उन्होंने ' ये न पूछो कहां और किधर जाएंगे, हम तो प्रियाकांत जू के घर जाएंगे' भजन सुनाकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया।


बच्चों को संस्कार दें तभी होगा कल्याण 

महाराज जी ने कहा कि संस्कार ना मिलने से बच्चे नशेड़ी बना रहे हैं। भारत का भविष्य नशेड़ी हो जाएगा तो यह विश्व गुरु कैसे बनेगा। बच्चे संस्कारी ना हों तो आपके करोड़ों कमाने के बाद भी वह काम नहीं आएगा। बच्चों को संस्कार देंगे तभी कल्याण होगा। उन्होंने कहा कि बिना गुरु के गोविंद नहीं मिलते। जीवन में गुरु का होना जरूरी है।


कथा में कल 

देवकी नंदन ठाकुर महाराज 16 जून की कथा में अपराह्न 03:30 बजे से श्रीराम जन्मोत्सव और श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के प्रसंग सुनाएंगे। आयोजक देवेंद्र चौकसे, संगीता चौकसे, वीरेंद्र चौकसे, अनीता चौकसे और समस्त शालिग्राम परिवार ने श्रद्धालुओं से कथा में शामिल होने का आग्रह किया है।

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