
भोपाल। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मंगलवार को विभागीय योजना की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं और उद्योगों को सतत और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। ट्रिपिंग की समस्या कम से कम होनी चाहिए। समाधान योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ऊर्जा मंत्री ने मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंताओं से बात कर विद्युत आपूर्ति और समाधान योजना की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि रबी सीजन में किसानों को पर्याप्त विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। मेंटेनेंस में कोताही नहीं बरतें। उन्होंने कहा कि समाधान योजना में कितना बिजली बिल बकाया है, कितना वसूली योग्य है और कितना वसूली योग्य नहीं है, इसकी पूरी जानकारी दें। उन्होंने कहा कि बड़े डिफॉल्टरों के विरुद्ध पहले कार्रवाई की जाए।
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जोर देकर कहा कि उपभोक्ताओं को अच्छी बिजली दें और साथ ही अच्छी वसूली भी करें। गलत बिजली बिलों को सुधारने की कार्यवाही प्राथमिकता से करें। कार्यों पर लापरवाही पर नोटिस जारी करें। बैठक में सचिव ऊर्जा विशेष गढ़पाले, एमडी पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अनूप सिंह, एमडी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ऋषि गर्ग और तीनों विद्युत वितरण कम्पनियों के चीफ इंजीनियर और एसई उपस्थित थे।
समाधान योजना में जमा हुए 745.92 करोड़ रुपए
बैठक में बताया गया कि समाधान योजना में अभी तक 745.92 करोड़ रुपए उपभोक्तओं की ओर से जमा कराएं जा चुके हैं। इन उपभोक्ताओं के 301.40 करोड़ रुपए के सरचार्ज माफ किए गए हैं। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत 150.22 करोड़, मध्य क्षेत्र में 469.47 करोड़ और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में 126.23 करोड़ रुपए जमा हुए हैं।
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