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Madhaya Pradesh

सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया साइबर पंजीयन कार्यालय का शुभारंभ, बोले- यह तकनीक आधारित सुशासन की नई शुरुआत

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CM Dr Mohan Yadav and Deputy CM Jagdish Devada

CM Dr Mohan Yadav and Deputy CM Jagdish Devada

Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को पंजीयन भवन में साइबर पंजीयन कार्यालय का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि संपदा-1.0 और संपदा 2.0 के बाद प्रदेश में साइबर पंजीयन की प्रक्रिया का शुरू होना तकनीक आधारित सुशासन की नई शुरुआत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार विकास के साथ प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, शुचिता, तत्परता, नवाचार और जनकल्याण को प्रोत्साहन दे रही है। साइबर पंजीयन कार्यालय का शुभारंभ इसी संकल्प की सिद्धि का प्रमाण है। मध्यप्रदेश तेजी से बदल रहा है। मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य है, जिसने डिजिटल क्रांति के माध्यम से लोन, मुख्तयारनामा, माइनिंग लीज, हलफनामा, पॉवर ऑफ अटार्नी, पार्टनरशिप डीड जैसी 75 से अधिक सेवाओं के लिए साइबर पंजीयन शुरू किया है। 

 

मुख्यमंत्री डॉ.  मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार के इस नवाचार से पेपरलेस और कैशलेस प्रक्रिया को प्रोत्साहन मिल रहा है। यह नई पीढ़ी के लिए पर्यावरण और पारदर्शिता के मामले में महत्वपूर्ण होगा। इस अवसर पर प्रमुख सचिव अमित राठौर, प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह, महानिरीक्षक पंजीयन और अधीक्षक मुद्रांक अमित तोमर उपस्थित रहे। कार्यक्रम से जिलों के अधिकारी, बैंककर्मी और लाभार्थी वर्चुअली जुड़े।

 

…जनता को पंजीयन कार्यालय नहीं आना पड़ेगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब शासन और उसके उपक्रमों के अंतरण दस्तावेज भी पेपरलेस रजिस्ट्रेशन के माध्यम से पूरे होंगे। हाउसिंग बोर्ड और विकास प्राधिकरण के अंतरण के लिए जनता को पंजीयन कार्यालय नहीं आना पड़ेगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से वीडियो केवायसी सहित सभी कार्य होंगे, इससे धन और समय दोनों की बचत होगी। उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि संपदा 2.0 के नवाचार को वर्ष 2025 का राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार मिला है। अब तक 14 लाख 95 हजार से अधिक दस्तावेजों का पंजीयन हो चुका है। राज्य सरकार ने 55 जिलों में सायबर तहसील परियोजना को लागू किया है, जिसमें राजस्व बंटवारा, नामांतरण की प्रक्रिया भी संपदा 2.0 से हो सकती है। 

 

प्रदेश के नवाचारों को देशभर में सराहा गया: जगदीश देवड़ा

उपमुख्यमंत्री एवं वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि वर्ष 2024-25 में दस्तावेजों के पंजीयन और ई-स्टाम्पिंग के लिए एडवांस सॉफ्टवेयर संपदा 2.0 लागू किया। इससे चल और अचल संपत्ति के दस्तावेज डिजिटल और पेपरलेस तरीके से पंजीकृत हो रहे हैं। कई दस्तावेज तो ऐसे हैं, जिनके लिए उप-पंजीयक कार्यालय भी नहीं आना पड़ता है। सबसे पहले गुना,हरदा, रतलाम और डिण्डौरी जिलों में नए ई-पंजीयन और ई- स्थम्पिंग सॉफ्टवेयर संपदा 2.0 का सफल पायलट प्रोजेक्ट चलाया गया था। प्रदेश के नवाचारों को देशभर में सराहा गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जारी इन नवाचारों का लाभ प्रदेश के नागरिकों को मिल रहा हैं। पंजीयन से जुड़े कार्यों को त्रूटि रहित पूरा करने के लिए प्रदेशभर के 14 लाख कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। 



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