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दुबई में इथियोपिया के राष्ट्रपति और रस-अल-खैमा के शासक से मिले सीएम डॉ. मोहन यादव, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 का दिया न्योता

07 सित, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
दुबई में इथियोपिया के राष्ट्रपति और रस-अल-खैमा के शासक से मिले सीएम डॉ. मोहन यादव, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 का दिया न्योता
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संयुक्त अरब अमीरात प्रवास के दूसरे दिन इथियोपिया के राष्ट्रपति महामहिम ताये अत्स्के सेलासी और रस-अल-खैमा के शासक शेख सौद बिन सकर अल कासिमी से मुलाकात की। दोनों बैठकों में मध्यप्रदेश में निवेश, औद्योगिक सहयोग और व्यापारिक साझेदारी बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।


इथियोपिया के राष्ट्रपति के साथ मुलाकात में भारत-इथियोपिया आर्थिक संबंधों को मजबूत करने तथा मध्यप्रदेश और इथियोपिया के बीच व्यापार एवं निवेश सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने इथियोपिया के उद्योग एवं व्यापार जगत को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषि, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मास्युटिकल्स, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा और आधुनिक तकनीक जैसे क्षेत्रों में प्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने राष्ट्रपति को मध्यप्रदेश में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 (GIS-2027) में शामिल होने का न्योता भी दिया।


दोनों के बीच औद्योगिक सहयोग पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रस-अल-खैमा के शासक शेख सौद बिन सकर अल कासिमी से मुलाकात कर मध्यप्रदेश के निवेश-अनुकूल वातावरण और औद्योगिक अवसरों की जानकारी दी। बैठक में निवेश संवर्धन, औद्योगिक सहयोग, बाजार पहुंच और निवेशकों के बीच संपर्क बढ़ाने पर विचार-विमर्श हुआ। दोनों पक्षों ने सिरेमिक एवं निर्माण सामग्री, फार्मास्युटिकल्स एवं मेडिकल डिवाइस, पर्यटन एवं आतिथ्य, खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाशने पर चर्चा की।


रस-अल-खैमा की कंपनियों व संस्थानों को एमपी में निवेश के लिए किया आमंत्रित

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रस-अल-खैमा की कंपनियों और संस्थानों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। निवेशकों को भूमि की पहचान, आवश्यक अनुमतियों, अधोसंरचना और राज्य-स्तरीय नोडल सहयोग के जरिए समयबद्ध सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था से भी अवगत कराया गया। बैठक में मध्यप्रदेश की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति, प्रतिस्पर्धी लागत, औद्योगिक भूमि, अधोसंरचना और सिंगल-विंडो सुविधा को निवेश के प्रमुख आकर्षण के रूप में सामने रखा गया। दोनों पक्षों ने अपनी पूरक क्षमताओं के आधार पर व्यापार और निवेश सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।

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