
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टीटी नगर के दशहरा मैदान में शुक्रवार को आयोजित 'संविदा कर्मचारी-अधिकारी सम्मेलन' में कहा कि संविदाकर्मी राज्य सरकार का कार्यबल ही नहीं, आत्मबल भी हैं। संविदाकर्मियों की भूमिका हनुमान जी के समान है। इनके श्रम और साझेदारी ने ही शासन-प्रशासन की व्यवस्था बनाई रखी है। यह सिद्ध कर दिया कि सेवा पद से बड़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संविदाकर्मियों के श्रम और विश्वास पर ही राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में सफल हो रही है। उन्होंने कहा कि संविदाकर्मी अनुबंध से अवश्य आते हैं, पर व्यवस्थाओं के प्रबंधन में विराट भूमिका निभाते हैं। स्वास्थ्य सेवाएं हों या शिक्षा, पंचायत, नगरीय निकाय या तकनीकी सेवाएं मैदानी स्तर पर सर्वे, मॉनीटरिंग और क्रियान्वयन में संविदाकर्मी हर जगह व्यवस्था के भरोसेमंद स्तंभ बनकर खड़े हैं।
भारतीय मजदूर संघ की ओर से आयोजित मध्यप्रदेश संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के 'संविदा कर्मचारी-अधिकारी सम्मेलन' में मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत हुआ। कुलदीप सिंह गुर्जर, दिनेश सिंह तोमर, गोविंद श्रीवास्तव, दुर्गेश तिवारी व संयुक्त संघर्ष मंच के प्रतिनिधियों ने स्वागत किया।दिनेश तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश संविदा संयुक्त संघर्ष मंच में प्रदेश के 34 विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री की ओर से की गईं घोषणाएं
. 10 वर्ष से अधिक अनुभवी संविदाकर्मियों को नियमित पदों पर संविलियन की अभी तक 50 प्रतिशत पदों के लिए प्रक्रिया जारी है, इस दिशा में आगे और काम किया जाएगा।
. सामान्य प्रशासन विभाग संविदा नीति-2023 के तहत सभी कंडिकाओं का केंद्र और राज्य पोषित परियोजनाओं में अक्षरश: क्रियान्वयन किया जाएगा। राज्य शासन के निगम मंडल इसे लागू करेंगे।
. संविदा नीति-2023 के अंतर्गत सभी विभागों में संविदा कर्मियों के लिए एनपीएस, ग्रेज्युटी, स्वास्थ्य बीमा लाभ, अनुकंपा नियुक्ति के लिए केंद्र पोषित-राज्य पोषित समस्त योजनाओं-परियोजनाओं में एक साथ क्रियान्वयन व संविदा कर्मियों के लिए दंड के प्रावधान सीसीए रूल 1965, 1966 को पूरी लागू करने के संबंध में नीतिगत निर्णय कराया जाएगा।
. विभिन्न विभागों, योजना, परियोजना में पदस्थ संविदा कर्मचारियों की विसंगतिपूर्ण समकक्षता के निर्धारण के लिए अभ्यावेदनों का निराकरण, संविदा के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति की ओर से समय-सीमा में किया जाएगा।
. कृषि विभाग की आत्मा योजना, जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी, जिला विकलांग पुनर्वास केन्द्रों में संविदा नीति 2023 के तहत समकक्षता का निर्धारण किया जाएगा।
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