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सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा-बालाघाट बना प्रदेश का 'धान का कटोरा', 60 लाख क्विंटल धान उपार्जन के साथ अव्वल

01 नव, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा-बालाघाट बना प्रदेश का 'धान का कटोरा', 60 लाख क्विंटल धान उपार्जन के साथ अव्वल
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बालाघाट जिले ने कृषि के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। इस वर्ष 60 लाख क्विंटल धान का उपार्जन कर जिला पूरे मध्यप्रदेश में पहले स्थान पर रहा है। चिन्नौर चावल की पहचान वाले बालाघाट को इसी कारण प्रदेश का 'धान का कटोरा' कहा जाता है।


मुख्यमंत्री रविवार को समत्व भवन से गोंगलई कृषि उपज मंडी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से मुक्ति के बाद बालाघाट के विकास को नई गति मिलेगी। जिले में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बालाघाट देश के कुल मैंगनीज उत्पादन में 80 प्रतिशत योगदान देता है और मलाजखंड में तांबे का विशाल भंडार है।


4 नवंबर तक करा सकेंगे धान खरीदी के लिए पंजीयन

मुख्यमंत्री ने बताया कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए पंजीयन से छूटे किसानों को राहत देते हुए पोर्टल 4 नवंबर तक खोल दिया गया है। किसान इस अवधि में अपना पंजीयन करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है और किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।


दूध उत्पादन का लक्ष्य 50 हजार लीटर प्रतिदिन

जिले में बंद पड़ी 36 दुग्ध समितियों को फिर से शुरू किया जा रहा है। मिल्क रूट विकसित कर दुग्ध संग्रहण बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक बालाघाट में प्रतिदिन दूध संग्रहण 3,500 लीटर से बढ़कर 10 हजार लीटर हो चुका है। अब इसे 50 हजार लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाने का लक्ष्य है।


1.29 लाख किसानों को 876 करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिले के 1 लाख 29 हजार से अधिक किसानों को कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी गतिविधियों के लिए 876 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण दिया गया है। वहीं, 3 लाख 76 हजार से अधिक किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं। मत्स्य पालन के क्षेत्र में भी जिले की उपलब्धियां उल्लेखनीय हैं। यहां 15 हजार मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 9 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण दिया गया है।


ग्रामीणों को मिलेगी आबादी भूमि की मुफ्त रजिस्ट्री

मुख्यमंत्री ने 'मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना' की जानकारी देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि की नि:शुल्क रजिस्ट्री कराकर लोगों को वैध मालिकाना हक दिया जा रहा है। योजना पर प्रदेश सरकार 10 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इससे ग्रामीणों को जमीन के दस्तावेज मिलेंगे और बैंक से ऋण लेने सहित अन्य कार्यों में आसानी होगी।


किसानों के नवाचारों की सीएम ने की सराहना

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील किसानों से संवाद किया। किसान वेदराम राहंगडाले ने बताया कि मछली पालन से 30 लोगों को रोजगार दे रहे हैं। मुकेश नेवारे धान के साथ सब्जी उत्पादन, मत्स्य पालन और मशरूम उत्पादन कर रहे हैं। वहीं मंजू नगपुरे ड्रोन दीदी के रूप में काम कर 1.25 लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। जियालाल राहंगडाले प्राकृतिक खेती कर रहे हैं।


पुरस्कार में ट्रैक्टर, बुलेट बाइक और ई स्कूटी

कृषि योजनाओं पर आयोजित क्विज प्रतियोगिता के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया जाएगा। दिवला पटले को ट्रैक्टर, मनोज हरिनखेड़े को बुलेट बाइक और कविता शिव को ई-स्कूटी मिलेगी। मुख्यमंत्री ने विजेताओं और प्रगतिशील किसानों को बधाई देते हुए कहा कि किसानों की समृद्धि ही प्रदेश की प्रगति का आधार है।

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