
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को वीडियों कॉन्फ्रेसिंग से आगर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आगर में 3800 करोड़ की मैक्केन फूड परियोजना शुरू हो रही है, इसमें 2 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। पशुपालन किसानों की आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण साधन है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों से सीधा संवाद कर कृषक कल्याण वर्ष के तहत आयोजित कार्यक्रमों में किसानों से कृषि गतिविधियों, शासन की किसान हितैषी योजनाओं से मिल रहे लाभ, कृषि के क्षेत्र में नवाचार तथा किसानों की आवश्यकताओं के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि आगर-मालवा जिले के लालूखेड़ी में आलू प्रसंस्करण का 200 करोड़ का उद्योग स्थापित हो रहा है, लालूखेड़ी के साथ ही अब आगर-मालवा जिले के किसान भी आलू उगाऐंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगर एवं सुसनेर का संतरा देश भर में भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले के पशुपालक गौपालन के लिये भी विशेष रूप से जाने जाते है। जैविक दूध प्रदेश में कही मिलता है तो आगर में ही मिलता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का दूध उत्पादन भी बढ़ेगा, सांची का दुग्ध ब्राण्ड भी बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगर जिला सौर उर्जा एवं विण्ड एनर्जी के लिये भी अपनी अलग पहचान रखता है।
पशुपालकों की आयोजित की जाएगी प्रतियोगिता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आगर जिला गौ-सेवा के लिए भी विशेष पहचान रखता है। गौ-अभयारण्य सालरिया व जिले की अन्य गौशालाओं में 20 हजार से अधिक गौवंश की समुचित देखभाल की जा रही है। सरकार प्रति गौवंश 40 रूपए प्रतिदिन की दर से गौवंश की देखभाल के लिये गौशालाओं को राशि प्रदान कर रही है।उन्होंने ने कहा कि गौपालन को बढ़ावा देने के लिये गौपालन पुरस्कार योजना के तहत् अच्छे पशुपालकों की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। जिसमें प्रत्येक विकास खण्ड से प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले पशुपालक को एक लाख रूपए, द्वितीय पुरस्कार के लिये 50 हजार एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में 25 हजार रूपए की राशि पशुपालक को प्रदान की जाएगी।
प्रगतिशील किसानों, मेधावी विद्यार्थियों व भूतपूर्व सैनिकों का सम्मान
कार्यक्रम मे उत्कृष्ट एवं प्रगतिशील किसानों, किसान परिवार के मेधावी छात्र-छात्राओं और भूतपूर्व सैनिकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को कपिल यारदे, कप्तान सिंह यादव ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों की ओर से लगाई गई, कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य विभाग एवं आधुनिक कृषि यंत्रों सहित अन्य विभागों की प्रदर्शनी लगाई गई।
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