मंगलवार, 21 जुलाई 2026
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सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा- बलराम कृषि महोत्सव सबके लिए एक स्वर्णिम अवसर, युवा व किसानों से की सहभागिता करने की अपील

21 जुल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा- बलराम कृषि महोत्सव सबके लिए एक स्वर्णिम अवसर, युवा व किसानों से की सहभागिता करने की अपील
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष से बड़वानी जिले में हुए बलराम कृषि महोत्सव में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े। उन्होंने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव सबके लिए एक स्वर्णिम अवसर है। उन्होंने किसानों विशेषकर युवा किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे बढ़-चढ़कर इस कृषि महोत्सव में सहभागिता करें। खेती में तकनीक और नवाचार को शामिल करें।


मुख्यमंत्री ने कहा है कि बड़वानी के नाम में ही प्रकृति विराजी है। क्योंकि इस जिले का नामकरण ही 'बड़ के वन' यानी बरगद के विशाल वृक्षों से हुई है। उन्होंने कहा कि जैसे बरगद का वृक्ष विशाल छाया, निरंतर मिलने वाली हरियाली का प्रतीक है, वैसे ही बड़वानी जिला यहां के लोगों की मेहनत और नवाचारों के बल पर पूरे देश में कृषि, उद्यमिता, नवाचार का नवीन उदाहरण बन रहा है। उन्होंने किसानों से कहा कि वह एग्री-स्टार्टअप शुरू करें, आधुनिक कृषि तकनीक सीखें। सरकार की योजनाओं का लाभ और कृषि विशेषज्ञों की समुचित सलाह लें, सरकार आपके हर कदम पर साथ खड़ी है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की सहभागिता से ही बलराम कृषि महोत्सव सफल होगा। उन्होंने कहा कि हमारे मिर्च उत्पादक किसान अब पारंपरिक तरीकों को छोड़कर वैज्ञानिक खेती, आधुनिक ग्रेडिंग और उन्नत पैकेजिंग को अपना रहे हैं। इससे बड़वानी की मिर्च की मांग राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बड़वानी की लाल मिर्च को 'जीआई टैग' दिलाने के लिए प्रयास कर रही है। एक बार यह टैग मिल गया, तो दुनिया के बाजारों में बड़वानी की मिर्च का पेटेंट हो जाएगा और ग्लोबल ब्रांड के रूप में नई पहचान मिलेगी। इस अवसर पर बड़वानी जिले के पानसेमल विधायक श्री श्याम बरडे भी उपस्थित थे।


बड़वानी हमारा शुभंकर, किसान कल्याण वर्ष की पहली 'कृषि कैबिनेट' यहीं हुई 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़वानी हमारा शुभंकर है। किसान कल्याण वर्ष की पहली ऐतिहासिक 'कृषि कैबिनेट' हमने यहीं की थी। इसमें हमारी सरकार का प्रमुख फोकस सिंचाई क्षमता के अभूतपूर्व विकास पर रहा। हम राज्य की सिंचाई क्षमता 100 लाख हेक्टेयर तक करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़वानी के किसानों से खेतिया कृषि उपज मंडी को एक सर्वसुविधायुक्त 'आदर्श मंडी' के रूप में अपग्रेड और विकसित करने का जो वादा हमने किया है, उसे भी पूरा करेंगे। सिंचाई, खाद और बीज हमारी प्राथमिकता हैं। किसान किसी भी तरह के भ्रम में न आएं, प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है। 




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