
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनके जन्मदिन पर ‘बहनों की पाती-भैया के नाम’ लेकर पहुंची महिलाओं का अपने निवास में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति "बहनों की पाती-भैया के नाम" एक आत्मीय पहल है। बहनों का आशीर्वाद उन्हें लगातार प्राप्त होता रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की बहनों ने अपने मन के भाव, अनुभव और सुझाव पाती के माध्यम से व्यक्त किए हैं। बहनों ने अपने भैया के प्रति विश्वास, स्नेह और सम्मान को शब्दों में पिरोया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के स्वाभिमान और सशक्तिकरण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उनके निवास में जल्द ही बहनों से संवाद के लिए विशेष पंचायत आयोजित की जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी देश में गरीब, युवा, नारी और किसान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं। प्रदेश में बहनों के कल्याण का कार्य मिशन मोड में चल रहा है। राज्य सरकार ने नारी सशक्तिकरण के लिए एक लाख करोड़ रुपए से अधिक के बजट का प्रावधान किया है।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। अब हमारी बहनें कारखानों और उद्योगों में भी नेतृत्व कर रही हैं। राज्य सरकार महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी को अधिक से अधिक प्रसारित करने में सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए आवश्यक है कि हर पात्र बहन आत्मनिर्भरता और उनके कल्याण के लिए चलाई जा रही शासकीय योजनाओं का लाभ लें।
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