
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में बदलाव का दौर चल रहा है और मध्यप्रदेश का किसान भी लगातार उन्नति की ओर बढ़ रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक और संसाधनों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना और उन्हें सुविधा-संपन्न बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में खेती-किसानी का वक्त बदलने वाला है, इसलिए किसान अपनी खेती की जमीन न बेचें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के खेत-खलिहानों और घर-आंगन में समृद्धि लाने के लिए सरकार मिशन मोड में काम कर रही है। किसानों को उन्नत तकनीक अपनाकर अधिक से अधिक स्वावलंबी बनाने के साथ कृषि के साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और उद्यानिकी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
गेहूं उत्पादन बढ़ा, 2700 रुपये प्रति क्विंटल MSP का दावा
डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में इस वर्ष 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन हुआ है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में गेहूं की खरीदी 2700 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाएगी। प्रदेश में मूंगफली और गेहूं का रकबा भी बढ़ा है। वहीं धान की उत्पादकता 32 क्विंटल से बढ़कर 36 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होने की बात मुख्यमंत्री ने कही।
उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए आने वाले समय में गेहूं और चने की फसल के दौरान रात के साथ-साथ दिन में भी बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। किसानों के हित में ऋण राशि जमा करने की 31 मार्च तक की बाध्यता भी समाप्त करने की बात उन्होंने कही।
खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती-किसानी अब लाभ का व्यवसाय बनती जा रही है। किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कृषि के साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मध्यप्रदेश दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा। डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के माध्यम से गौपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
बलराम कृषि महोत्सव में आधुनिक तकनीक की जानकारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव कृषि कल्याण की दिशा में सरकार का महत्वपूर्ण प्रयास है। महोत्सव के दौरान किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, कृषि यंत्रों और खेती की नवीन पद्धतियों से परिचित कराने के लिए कृषि प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है।
प्रदर्शनी में किसानों को कृषि यंत्रों की उपयोगिता, उनके संचालन और कृषि कार्यों में प्रभावी इस्तेमाल की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, उन्नत कृषि पद्धतियों, फसल उत्पादन में आधुनिक तकनीकों तथा संबंधित विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी भी किसानों तक पहुंचाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार किसानों के सशक्तिकरण और कल्याण के लिए लगातार योजनाएं संचालित कर रही है। सरकार का प्रयास है कि किसान आधुनिक तकनीक और उन्नत साधनों को अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ाएं और आत्मनिर्भर बनें।
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